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Haryana: जिस जेल में नाथूराम गोडसे को दी गई फांसी, वहां तिनका-तिनका फाउंडेशन दिखा रहा जिंदगी की नई राह

Tue, 28 Feb 2023 03:41 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महिला कैदियों के लिए भी जेल रेडियो कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। हरियाणा की 20 जेलों में से 9 में रेडियो जेल स्टेशन संचालित किया जा रहा है। 
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jail radio - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जेलों में अपने अपराध की सजा काट रहे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तिनका-तिनका फाउंडेशन ने सराहनीय पहल की है। इसके तहत तिनका तिनका फाउंडेशन ने कुछ साल पहले जेल रेडियो की शुरुआत की और आज यह पहल कई जेलों तक पहुंच गई है। हरियाणा की सेंट्रल जेल अंबाला में जेल रेडियो शुरू हुए दो साल का समय बीत गया है। अंबाला जेल में जेल रेडियो की शुरुआत 2021 में की गई। तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक और समाज सुधारक वर्तिका नंदा ने जेल रेडियो की शुरुआत की थी। 

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जेल रेडियो कार्यक्रम के तहत अंबाला जेल में शुरुआत में 10 कैदियों को रेडियो जॉकी की ट्रेनिंग दी गई। बाद में कई और कैदी भी इस कार्यक्रम के तहत रेडियो जॉकी बन चुके हैं। जेल रेडियो कार्यक्रम के तहत जेल की चाहरदीवारी में कैद अपराधियों को अपने आप को व्यक्त करने का माध्यम मिल गया है। इन जेल रेडियो में अब कैदी, रेडियो जॉकी के साथ ही गीतकार, संगीतकार और तकनीकी सहायक के रूप में भी जुड़ गए हैं। साथ ही इसमें न्यूज ब्रॉडकास्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मनपसंद गानों का प्रोग्राम शामिल हैं। जेल रेडियो कार्यक्रम की वजह से जेल में रोजाना करीब 50 पत्र आते हैं, जिनमें कई पत्रों में रेडियो जॉकी कैदियों की तारीफ की जाती है तो किसी में ज्यादा संख्या में देशभक्ति गीतों को सुनाने की मांग की जाती है। साल 2021 में अंबाला जेल के कैदी और जेल रेडियो कार्यक्रम के रेडियो जॉकी शेरू का कोरोना महामारी पर लिखा गीत काफी चर्चित हुआ था और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी उसकी तारीफ की थी। महिला कैदियों के लिए भी जेल रेडियो कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। हरियाणा की 20 जेलों में से 9 में रेडियो जेल स्टेशन संचालित किया जा रहा है। 

जेल रेडियो कार्यक्रम के पहले चरण में प्रदेश की तीन जेलों पानीपत जिला जेल, फरीदाबाद जेल और सेंट्रल जेल अंबाला शामिल है। वहीं दूसरे चरण में जिला जेल करनाल, रोहतक, गुरुग्राम और सेंट्रल जेल हिसार में जेल रेडियो कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। तीसरे चरण में जिला जेल सोनीपत, सिरसा, जींद, झज्जर और यमुनानगर जेल में भी इसकी शुरुआत की गई है। 
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अंबाला जेल में नाथूराम गोडसे को दी गई थी फांसी
अंबाला जेल देश की ऐतिहासिक जेलों में से एक है। यहां आजादी से पहले और बाद में कई अहम लोग यहां बंद रहे। महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को भी अंबाला जेल में ही साल 1949 में फांसी दी गई थी।

कैसे शुरु हुई तिनका तिनका फाउंडेशन
दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज में जर्नलिज्म विभाग की प्रमुख डॉ. वर्तिका नंदा ने तिनका तिनका फाउंडेशन की शुरुआत की थी। इसके तहत जेल में बंद कैदियों के सुधार की शुरुआत की गई। इसके लिए साल 2014 में डॉ. वर्तिका नंदा को स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने भी डॉ. वर्तिका की इस पहल की तारीफ की थी साथ ही उनका नाम लिम्बा बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दो बार शामिल किया जा चुका है। तिनका तिनका फाउंडेशन के तहत उन्होंने 2020 में जेल रेडियो कार्यक्रम की शुरुआत की थी। यह देश का एकमात्र पॉडकास्ट है, जो जेल में बंद कैदियों को खुद को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। 
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