हरियाणा में भाजपा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी के लिए यह बड़ा झटका देने वाली खबर थी कि पार्टी के पेहोवा विधानसभा सीट से घोषित उम्मीदवार कंवलजीत अजराना ने अपना टिकट वापस कर दिया। इससे पार्टी की खासी किरकिरी हुई है। लेकिन भाजपा की मुश्किलें यहीं पर खत्म नहीं हुईं। मंगलवार शाम तक रामबिलास शर्मा ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी, जबकि अभी तक उनके नाम की घोषणा भी नहीं हुई है।
पार्टी के एक बड़े नेता के द्वारा इस तरह बिना टिकट मिले चुनाव मैदान में उतरने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है। चर्चा है कि वे बुधवार सुबह 11 बजे महेंद्रगढ़ विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने अभी से अपने समर्थकों को इकट्ठा होने का निर्देश दे दिया है। हालांकि, भाजपा के आंतरिक सूत्र बता रहे हैं कि पार्टी के नेताओं के द्वारा उन्हें मनाकर शांत करने का प्रयास भी किया जा रहा है। पार्टी को इसमें कहां तक सफलता मिलेगी, यह सुबह तक साफ हो जाएगा।
अमर उजाला ने अपने पाठकों को पहले ही यह सूचना दे दी थी कि भाजपा इस बार बड़ी संख्या में टिकट काटकर एंटी इनकमबेंसी फैक्टर का मुकाबला करने की रणनीति बना रही है। भाजपा ने ठीक इसी अनुसार अपने कई बड़े दिग्गजों के नाम काट दिए जिससे पार्टी में बगावत बढ़ती चली गई। रामबिलास शर्मा के द्वारा बिना नाम घोषित हुए नामांकन करने को इसी कड़ी में जोड़कर देखा जा रहा है।
मंगलवार को जारी हुई सूची में भी कई दिग्गजों के नाम काटे जा चुके हैं। इनमें सत्यप्रकाश, गोविंद कांडा, सीमा त्रिखा और निर्मल रानी के नाम शामिल हैं। इसी तरह आदित्य चौटाला और मोहनलाल बड़ोली और बनवारी लाल का नाम कटने से भी हरियाणा भाजपा की सियासत गरमा गई है। शिवप्रकाश महता जैसे बड़े कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को चिट्ठी लिख पार्टी के सभी पदों और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर पार्टी की नींद उड़ा दी है।