हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खिलाफ मिली शिकायत को लेकर अमेरिकी प्रशासन जांच करने का मन बना रहा है। शिकायत पत्र में यूनिवर्सिटी पर भारतीय मूल के अमेरिकन छात्रों और एशिया समूह से आने वाले छात्रों के साथ एडमिशन प्रकिया में भेदभाव करने का आरोप है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, न्याय विभाग की प्रवक्ता सारा इसगुर फ्लोरस ने कहा कि विभाग इस मामलें में जांच करना चाहता है। बता दें कि मई 2015 में 64 एशियन-अमेरिकन समूह ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायत की थी।
जिनमें ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन-अमेरिकन एसोसिएशन, अमेरिकन सोसाइटी ऑफ इंजीनियर्स ऑफ इंडियन ओरिजिन और बिट्स सिंद्री एलू्मिनी एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ इंडिया समेत 64 समूह शामिल हैं।
शिकायत में एशिया-अमेरिकन छात्रों ने आरोप लगाया है कि स्कॉलर एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT) में अच्छा स्कोर करने के बाद भी यूनिवर्सिटी ने उन्हें एडमिशन नहीं दिया। यहां तक कि कईं पाठयक्रम गतिविधियों में अच्छा करने और महत्वपूर्ण अवार्ड्स जीतने के बाद भी उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया।
लेकिन व्हाइट छात्रों के साथ भेदभाव न करते हुए एडमिशन दे दिया। बता दें कि सेट ( SAT) कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए दिया जाने कॉमन टेस्ट है। प्रिंसटन विश्वविद्यालय एकेदमी की एक अध्ययन में पाया गया है कि है कि एशियन अमेरिकन छात्रों ने व्हाइट छात्रों से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। एशियन अमेरिकन छात्रों ने सेट की परीक्षा में 140 अंक हासिल किए हैं।
यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायत है कि वे भारतीय अमेरिकन छात्रों के खर्चों पर व्हाइट छात्रों के लिए कार्यक्रमों का विस्तार करते हैं। वहीं, ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन (GOPIO) के अध्यक्ष थॉमस अब्राह्म ने ट्रंप प्रशासन के इस मामलें में संज्ञान लेने पर स्वागत किया है।
उन्होंने आगे कहा कि इस ओर छात्रों को उनके अधिकार दिलाने के लिए सकारात्मक कार्रवाई की जरूरत है। बता दें कि ऐसी शिकायत पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में भी की गई थी जिसपर कोई ध्यान नहीं दिया गया था।