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Politics: 'फडणवीस को दिल्ली बुलाना चाहती है भाजपा?', हर्षवर्धन सपकाल का दावा- संघ चाहता है शिक्षा मंत्री बनें

Mon, 03 Aug 2026 04:21 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Harshwardhan Sapkal Claims: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया है कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देवेंद्र फडणवीस को केंद्र की राजनीति में लाना चाहते हैं। उनके मुताबिक फडणवीस को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाने पर विचार हो रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके दिल्ली जाने की चर्चाएं तेज हैं। क्या सचमुच फडणवीस महाराष्ट्र छोड़कर दिल्ली की राजनीति में जाने वाले हैं? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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शिक्षा मंत्री बनाए जाने के दावे पर क्या बोले सीएम फडणवीस? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ फडणवीस को दिल्ली बुलाना चाहते हैं। उनके अनुसार फडणवीस को केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाने पर विचार किया जा रहा है ताकि भाजपा और संघ अपने वैचारिक एजेंडे को आगे बढ़ा सकें। हालांकि फडणवीस पहले ही इन अटकलों को खारिज कर चुके हैं।
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सपकाल ने कहा कि महाराष्ट्र में तीन भाषा नीति और हिंदी को लेकर जो विवाद हुआ, वह केवल भाषा का मुद्दा नहीं था बल्कि एक बड़े राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा था। उनका आरोप है कि भाजपा और संघ शिक्षा व्यवस्था के जरिए अपने विचारों को लागू करना चाहते हैं। इसी वजह से फडणवीस को केंद्र की राजनीति में लाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

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क्या फडणवीस के दिल्ली जाने की चर्चाएं क्यों तेज हुईं?

फडणवीस को लेकर यह चर्चा उस समय और तेज हो गई जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नए नामों पर अटकलें शुरू हुईं। इसी दौरान 25 जुलाई को फडणवीस अचानक दिल्ली पहुंचे थे। उसी दिन धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था। बाद में फडणवीस नागपुर लौट आए। उनके इस दौरे के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा और बढ़ गई कि उन्हें केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

फडणवीस ने इन दावों पर क्या कहा है?

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन सभी अटकलों को पहले ही खारिज कर दिया है। दिल्ली दौरे के बाद जब उनसे इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि वह महाराष्ट्र में ही हैं। उन्होंने कहा, "आज मैं नागपुर में हूं और शाम को मुंबई जाऊंगा। मैं मुंबई और महाराष्ट्र में ही हूं।" फडणवीस के इस बयान को उनके मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के संकेत के तौर पर देखा गया था।

अब इस दावे के क्या राजनीतिक मायने हैं?

हर्षवर्धन सपकाल का यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में कई मुद्दों पर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने हैं। तीन भाषा नीति, हिंदी को लेकर विवाद और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर पहले ही सियासी बहस चल रही है। ऐसे में फडणवीस को केंद्र में भेजे जाने का दावा राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर सकता है। हालांकि अभी तक भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और फडणवीस भी ऐसी अटकलों को नकार चुके हैं।
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