फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डा: केरल सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, केंद्र से फैसला वापस लेने की मांग

Thu, 20 Aug 2020 10:46 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
विज्ञापन
केरल सरकार की सर्वदलीय बैठक - फोटो : ANI
विज्ञापन

केरल सरकार ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे को अडानी एंटरप्राइजेज को पीपीपी के तहत 50 साल के लिए पट्टे पर देने के फैसले का विरोध किया है। केरल सरकार ने तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे के प्रबंधन और संचालन का काम अडानी समूह को सौंपने के केंद्र के फैसले का विरोध करने और उस पर चर्चा करने के लिए बृहस्पतिवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।

विज्ञापन


इस बैठक के बाद केरल के सीएमओ ने कहा, 'आज सीएम पिनाराई विजयन द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अदानी एंटरप्राइजेज को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे के संचालन और पर्यवेक्षण को सौंपने के लिए केंद्रीय कैबिनेट के फैसले को वापस लेने की मांग की गई।
 
सर्वदलीय बैठक के बाद केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की। सीएम ने लिखा, 'यह अनुरोध है कि आप राज्य सरकार द्वारा हवाई अड्डों को कुशलता से प्रबंधित करने के लिए अपेक्षित अनुभव होने के बावजूद हवाई अड्डे के प्रबंधन और परिचालन को एक निजी कंपनी को सौंपने के निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए कृपया हस्तक्षेप करें।'
विज्ञापन

 

राज्य के वित्त मंत्री डॉ. थॉमस इसाक ने आज ट्वीट किया, 'अडानी की बोली के बराबर बोली के प्रस्ताव के बावजूद केरल सरकार के दावे को खारिज कर तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे को अडानी के हाथों दे दिया गया। केरल के प्रस्ताव को स्वीकार करने के पीएमओ के वादे को तोड़ा गया। केरल के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे।”
 

विज्ञापन

नागर विमानन मंत्री हरदीप पुरी ने दी पूरी प्रक्रिया की जानकारी

हरदीप सिंह पुरीी - फोटो : ANI
उधर नागर विमानन मंत्री हरदीप पुरी ने बृहस्पतिवार को ट्वीट कर पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी और केरल सरकार के आरोपों का जवाब दिया। पुरी ने कहा कि केरल सरकार तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे की बोली प्रक्रिया की अर्हता को पूरी नहीं करती थी। उन्होंने कहा कि इस बोली प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से अंजाम दिया गया।

हवाईअड्डों की 2019 की निजीकरण प्रक्रिया के बारे में पुरी ने ट्विटर पर कहा, 'पट्टा हासिल करने वाली बोली में प्रति यात्री 168 रुपये शुल्क का जिक्र था जबकि केएसआईडीसी (केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम) ने प्रति यात्री 135 रुपये और बोली लगाने वाली तीसरी कंपनी ने 63 रुपये प्रति यात्री की बोली लगाई थी।'
 
प्रति यात्री शुल्क 2019 की शुरुआत में हुई छह हवाईअड्डों की बोली प्रक्रिया का पैमाना था। यह छह हवाईअड्डे- लखनऊ, अहमदाबाद, मैंगलोर, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम थे। अडानी एंटरप्राइजेज ने इन छह हवाईअड्डों के लिए सबसे ज्यादा बोली लगाई थी।

पुरी ने कहा कि बोली प्रक्रिया से पहले केंद्र और केरल सरकार में यह सहमति बनी थी कि अगर केएसआईडीसी की बोली जीतने वाली बोली के 10 प्रतिशत के दायरे में रहती है तो हवाईअड्डे का पट्टा उसे दिया जाएगा। हालांकि अडानी की बोली और केएसआईडीसी की बोली में बोली प्रक्रिया के दौरान 19.64 प्रतिशत का अंतर था इसलिए अडानी को पट्टा हासिल हुआ।

पुरी ने कहा, 'इसलिए केरल सरकार को आरओएफआर (पहले खारिज करने का अधिकार) का विशेष प्रावधान दिए जाने के बावजूद वे पारदर्शी तरीके से हुई बोली प्रक्रिया के लिए अर्हता प्राप्त नहीं कर सके।'
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें