देश इस साल आजादी के 75 साल पूरे कर रहा है। इस क्रम में मोदी सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है। मोदी सरकार किसी भी तरह से इस मौके को खास बनाना चाहती है। इसीलिए मोदी सरकार ने हर घर तिरंगा अभियान शुरू किया है। वहीं, विपक्ष इसे लेकर सरकार पर लगातार हमले कर रहा है। बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस अभियान के तहत राशन कार्ड धारकों को राष्ट्रीय ध्वज खरीदने के लिए 'मजबूर' किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने लगाया आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि राशन कार्ड धारकों को दुकानदारों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने अपनी एक फेसबुक पोस्ट के जरिए भाजपा पर राष्ट्रवाद बेचने और गरीबों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।
अपने आधिकारिक फेसबुक एकाउंट से पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 'तिरंगा हमारा गौरव है और यह हर भारतीय के दिल में रहता है।' उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि "राष्ट्रवाद कभी बेचा नहीं जा सकता। यह शर्मनाक है कि राशन देते समय गरीबों को तिरंगे के लिए 20 रुपये खर्च करने के लिए कहा जा रहा है।" कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि तिरंगे झंडा के साथ-साथ भाजपा सरकार हमारे देश के गरीबों के स्वाभिमान पर भी हमला कर रही है।
वरुण गांधी ने भी साधा था निशाना
इससे पहले दिन में भाजपा सांसद वरुण गांधी ने भी आरोप लगाया था कि राशन कार्ड धारकों को राशन लेने के लिए राष्ट्रीय ध्वज खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आजादी की 75वीं वर्षगांठ का जश्न गरीबों पर बोझ बन जाए तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा। भाजपा सांसद ने अपने ट्वीट में कहा कि गरीबों को 'तिरंगे' के लिए भुगतान करने और उन्हें उनके भोजन से वंचित करने के लिए मजबूर करना 'शर्मनाक' है। इसी ट्वीट में वरुण गांधी ने कहा, 'तिरंगा' हर भारतीय के दिल में बसता है।
सरकार चला रही अभियान
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत 13से 15 अगस्त के दौरान लोगों से अपने घरों से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का आग्रह किया है। वहीं, बीजेपी इसमें जोर-शोर से जुटी हुई है। बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को बड़ी कामयाबी दिलाने के लिए अभियान चला रही है।
सरकार ने दिया बयान
राहुल गांधी के आरोपों को सरकार ने खारिज कर दिया है। सरकार के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि राशन दुकान मालिकों को राष्ट्रीय ध्वज नहीं खरीदने पर लोगों को राशन नहीं देने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं, सरकार के इस आदेश का उल्लंघन करने और तथ्यों को गलत तरीके से एक राशन दुकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। सरकार ने कहा है कि लगभग 80 करोड़ लोगों को हम महीने बिना किसी समस्या के राशन की आपूर्ति की जा रही है।