दो महीने पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर खूब बवाल मचा था। अब पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयान से लगता है कि ये बवाल एक बार फिर उभर कर सामने आएगा। हामिद अंसारी ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगी जिन्ना की तस्वीर में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल हो सकता है, तो एएमयू में जिन्ना की तस्वीर क्यों नहीं हो सकती ?
उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों का सम्मान करना यहां के छात्रसंघ की पुरानी परंपरा है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सम्मानित होने वाले महात्मा गांधी पहले व्यक्ति थे, जिनकी तस्वीर भी यहां लगाई गई है। जो कोई भी यहां सम्मानित होता है, उसकी तस्वीर लगाई जाती है। मोरारजी देसाई, मदर टेरेसा, खान अब्दुल गफ्फार खान समेत कई हस्तियों को यहां सम्मानित किया गया है और उनकी तस्वीर भी यहां की गैलरी में लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना भी उन्ही हस्तियों में से एक थे जिन्हें यहां सम्मानित किया गया था, इसीलिए उनकी तस्वीर भी यहां लगाई गई है। इसमें गलत क्या है ? अगर विक्टोरिया मेमोरियल इस देश में हो सकता है तो जिन्ना की तस्वीर होने में गलत क्या है ?
हामिद अंसारी ने कहा कि देश में ऐसी कई इमारतें हैं जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने शैक्षणिक प्रतिष्ठान के दृष्टिकोण से बनवाया था, तो क्या इन इमारतों को तोड़ देना चाहिए। हम ऐसा नहीं कर सकते। इमारतों और तस्वीरों पर हमला करना हमारी परंपरा में नहीं है।