उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने शुक्रवार को कहा कि आजादी के 70 सालों बाद भी भारत अपनी रक्षा जरूरतों का 60 फीसदी आयात करता है और अपनी सेनाओं के लिए राइफल बनाने में सक्षम नहीं है।
अंसारी ने सेना द्वारा स्वदेशी राइफल के टेस्ट के दौरान फेल होने पर यह टिप्पणी की। इस राइफल को इनसास राइफल की जगह लेने के लिए बनाया गया था। उन्होंने कहा कि अनुसंधान एवं विकास पर सरकार का प्रयास पर्याप्त नहीं है।
वहीं, रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने कहा कि भारत ने पिछले तीन सालों में देसी कंपनियों से 85733 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद के 96 करार किए हैं। लोकसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि इसी अवधि में विदेशी कंपनियों से भी 121563 करोड़ रुपये के 58 समझौते हुए हैं।
उन्होंने कहा कि रक्षा उपकरणों के अपने ही देश में निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए पिछले दो वर्षों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की नीति को क्रमश: उदार बनाया गया है। एक अन्य सवाल के जवाब में भामरे ने कहा कि शस्त्र कारखानों के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है।
सरकार ने कहा है कि सशस्त्र सेनाओं में 52000 जूनियर कमीशंड अधिकारी, नाविकों और वायुसेना कर्मियों की कमी है। सूची में सबसे ऊपर सेना में 25472 जेसीओ और अन्य कर्मियों की कमी है। रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि नौसेना में 13373 नाविकों, जबकि वायु सेना में 13785 कर्मियों की जरूरत है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि सेना ने 2014 से 16 के बीच 245 महिला अधिकारियों की भी भर्ती की है।