एयरक्राफ्ट के ऑर्डरों को एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) मंजूरी देता है, साथ ही कीमतों को लेकर होने वाली चर्चा में भी समय लगता है। एचएएल के एक अधिकारी ने बताया कि एचएएल एक लिस्टेड कंपनी है, आप हमारी ऑर्डर बुक देख सकते हैं। घोषित हुए एक लाख करोड़ में से अबतक एक रुपया नहीं मिला और न ही कोई ऑर्डर साइन हुआ है। हालांकि लोकसभा में भी रक्षामंत्री ने ऑर्डर साइन होने का दावा नहीं किया था।
शनिवार को रक्षामंत्री के प्रवक्ता ने जब इस बारे में बात करनी चाही तो इन सवालों का जवाब नहीं मिला। एक अधिकारी ने कहा कि एलसीए मार्क-1 एयरक्राफ्ट के लिए अभी नीलामी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। यह रूस के कमोव हेलिकॉप्टर की तरह ही है और एचएएल का प्रोजेक्ट नहीं है। इसमें एचएएल की बहुत सीमित भूमिका है। अन्य अधिकारी ने बताया की ड्रोनियर या इंजन के लिए ऑर्डर अभी नहीं दिए गए है। कीमत पर चर्चा के दौरान ही इनकी संख्या 150 से घटकर 130 हो गई थी।
वर्तमान में एचएएल के पास 73 एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर का ऑर्डर है। एचएएल कर्मचारी संघ के महासचिव सूर्यदेवरा चंद्रशेखर ने बताया की इन हेलिकॉप्टर कि शुरुआती कीमत 70 करोड़ है और इसमें से कुछ एडवांस मिला है।