भारत ने मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की नजरबंदी से रिहाई पर सख्त एतराज जताया है। भारत ने कहा है कि इससे स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान आतंकियों को समर्थन देना जारी रखे हुए है और वह प्रतिबंधित आतंकियों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रहा है।
पाक की इस नापाक हरकत ने पूरी दुनिया के सामने उसका असली चेहरा उजागर कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका द्वारा आतंकी घोषित किए जा चुके सईद की रिहाई से यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद का जहर फैलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कतई गंभीर नहीं है।
उसने आतंकियों को पनाह देने और उन्हें सक्रिय समर्थन देने की अपनी नीति में रत्ती भर भी बदलाव नहीं किया है। सईद की रिहाई से यह भी स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान आतंकियों को मुख्यधारा में शामिल करने की कोशिश कर रहा है।
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मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सईद की रिहाई से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि समूचा अंतरराष्ट्रीय समुदाय बेहद खफा हुआ है। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर है कि भारत सहित पाकिस्तान के पड़ोसी देशों में आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार सईद अब खुलेआम घूमेगा और अपने नापाक एजेंडे को लागू करेगा।
मालूम हो कि जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-ताइबा के प्रमुख सईद पर अमेरिकी सरकार ने एक करोड़ डॉलर (65 करोड़ रुपये) का ईनाम घोषित कर रखा है।
पाकिस्तान सरकार ने उसे इस साल जनवरी में नजरबंद किया गया था, लेकिन बुधवार को अदालत ने उसे नजरबंदी से रिहा करने का आदेश दिया है। प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया है कि अमेरिका का डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान से पैदा होने वाले आतंकवाद के खिलाफ नरम नीति अपना रहा है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में भारत और अमेरिका के बीच कोई मतभेद नहीं है। दोनों देश इस वैश्विक बुराई को जड़ से खत्म करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
सईद की रिहाई पाकिस्तान सरकार की मिलीभगत का नतीजा है। केंद्र सरकार आगे भी पाकिस्तान पर दबाव बनाएगी और इस मामले में सभी संभव कार्रवाई भी करेगी।
- हंसराज अहीर, गृह राज्यमंत्री