बहुत से एच-1बी वीजा धारकों को निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है यदि वीजा बढ़ाने वाला उनका आवेदन या फिर अमेरिकी अधिकारियों द्वारा फॉर्म 1-94 में उसे वहां ठहरने का दिया गया असल समय खत्म हो जाता है। आपके पास अमेरिका में नौकरी ना होने के बावजूद आपको अमेरिका में तब तक रुकना होगा जब तक कि इमीग्रेशन जज आपके मामले की सुनवाई नहीं कर लेता। जज औपचारिक तौर पर निर्वासन पर मुहर लगाएगा।
28 जून को बनाए गया नीति ज्ञापन जोकि पिछले हफ्ते ही लोगों की नजरों में आया है उसके अनुसार, अमेरिकी नागरिकता और अप्रवासन सेवाओं को उन मामलों में पेश होने का नोटिस (एनटीए) जारी करने की अनुमति देता है, जिनमें किसी याचिका या आवेदन को खारिज कर दिया गया हो और आवेदनकर्ता गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में मौजूद हों। यह नोटिस जारी होने का मतलब है कि उसके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आईटी कंपनी के इमिग्रेशन वकील ने कहा, 'ऐसा लगता है कि उन ममालों में जिनमें कि वीजा बढ़ाने का आवेदन खारिज हो गया हो या आपको रहने की मिली इजाजत की मियाद पूरी हो गई हो, उनमें एनटीए जारी किए जाएंगे।' हालांकि निर्वासन कार्यवाही धोखाधड़ी, आपराधिक मामले या शरण देने से इनकार या
रिफ्यूजी मामलों में प्रतिबंधित होंगे। यानी इस तरह के मामलों में एनटीए जारी नहीं किया जाएगा।
एनटीए जारी होने के बाद ही परेशानी शुरू हो जाएगी। एनपीजेड कानून समूह की प्रबंधन वकील स्नेहल बत्रा ने कहा, 'एक बार एनटीए जारी हो गया तो व्यक्ति को अमेरिका में मौजूद रहना होगा और इमीग्रेशन जज के सामने पेश होना होगा। निर्वासन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए यदि आप मौजूद नहीं रहते हैं तो 5 साल तक अमेरिका में प्रवेश नहीं मिल पाएगा।' इससे पहले
एच-1बी वीजा के तहत और ज्यादा ठहरने की अर्जी खारिज हो जाने पर कर्मचारी बिना एनटीए की परेशानी के तुरंत भारत लौट आता था। इसके बाद उसे नौकरी पर रखने वाला नए सिरे से एच-1बी वीजा के लिए आवेदन करता था।
बत्रा ने आगे कहा, 'केवल कर्मचारी ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को भी एनटीए का सामना करना पड़ सकता है। अनधिकृत रोजगार, क्लास में उपस्थित ना होने, शिक्षण संस्थानों द्वारा छात्र के रिकॉर्ड को अपडेट ना करने की स्थिति को भी छात्रों का अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से ठहरना माना जाएगा और उनके खिलाफ एनटीए जारी होगा।' यदि कोई व्यक्ति वीजा खत्म होने के एक साल तक अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रहता है तो उसपर 10 साल का प्रतिबंध लग जाएगा।