अदाणी समूह को मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे बेचने वाले जीवीके समूह ने संसद में राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों को बकवास बताया है। राहुल ने कहा था कि यह हवाईअड्डा अदाणी समूह को दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों सीबीआई और ईडी से जीवीके समूह पर दबाव डलवाया। जीवीके समूह के उपाध्यक्ष संजय रेड्डी ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा, अदाणी समूह या किसी भी अन्य पक्ष की ओर से कोई दबाव नहीं था।
उन्होंने कहा कि इस सौदे के एक साल पहले हम निवेश की तलाश कर रहे थे क्योंकि बंगलूरू हवाईअड्डे के अधिग्रहण के समय हमने जो कर्ज लिया था वह हमारे ऊपर बकाया था। हमें उसे चुकाना था। इसलिए हम निवेशकों या साझेदारों की तलाश में थे। तब हमें तीन निवेशक मिले जो हमारी कंपनी में एक साथ पैसा लगाने के लिए तैयार थे।
हालांकि उन्होंने हमारे सामने कई शर्तें रख दीं। डील आगे बढ़ने से पहले कोविड आ गया। इस दौरान तीन महीने तक हवाईअड्डे का कारोबार ठप हो गया और हमें शून्य राजस्व प्राप्त हुआ। इससे हमारे ऊपर और वित्तीय दबाव आ गया। ऐसे में हमने उक्त तीनों निवेशकों से सौदे को जल्द पूरा करने के लिए कहा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
रेड्डी ने कहा, इसी समय के आसपास गौतम भाई ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि उनकी दिलचस्पी मुंबई हवाईअड्डे में है। वह पूरी प्रक्रिया एक महीने में पूर्ण करने के लिए तैयार थे। हमारे लिए यह बहुत अच्छी बात थी। रेड्डी ने कहा, हमने यह सौदा इसलिए किया क्योंकि कंपनी के लिए यह सौदा जरूरी था।