आजादी का अमृत महोत्सव के तहत पूर्वोत्तर सीमा रेल (पू.सी.रेल) और भारतीय सेना ने गुवाहाटी के इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम में पूर्वोत्तर स्वाभिमान उत्सव के दौरान एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। वीर नारियों का सम्मान और पूर्वोत्तर क्षेत्रों की विविध संस्कृति को प्रदर्शित कर राष्ट्र निर्माण में पूर्वोत्तर एवं इसके गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को चिह्नित करने के लिए पूर्वोत्तर स्वाभिमान उत्सव मनाया गया। उत्सव के दौरान भारतीय सेना ने हथियारों और गोला-बारूद का भी प्रदर्शन किया है।
पूर्वोत्तर सीमा रेल के सीपीआरओ सब्यसाची डे ने बताया कि इस दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए परियोजनाओं के मॉडल को पू.सी.रेल ने प्रदर्शित किया। इसमें लामडिंग डीजल लोको शेड, न्यू बंगाईगांव वर्कशॉप, यात्रा के दौरान मनोरम दृश्य प्रदान करने वाली घुमावदार सीटों के साथ बहुप्रशंसित विस्टाडोम कोच, भारतीय राज्य नागालैंड के दो प्रमुख शहरों डिमापुर और कोहिमा नई लाइन परियोजना के बीच निर्माणाधीन धनसिरी-जुब्जा रेल लाइन के मॉडल प्रदर्शित किए गए थे।
एलिफेंट कॉरिडोर में ट्रेन-हाथी की टक्कर से बचाव के लिए प्रभावी उपाय जैसे इंट्रुशन डिटेक्शन सिस्टम, हनी-बी बजर स्थापित को प्रदर्शित की गई थी। वन्यजीवों के सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के लिए कामाख्या-आजरा खंड में प्रस्तावित एलिवेटेड ट्रैक्स, रैंप और सब-वे जैसे अन्य प्रभावी कार्यों की काफी सराहना की गई।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में पूर्ण हो चुके और प्रगति पर चल रहे विद्युतीकरण को भी इसमें शामिल किया गया था। मॉडलों को देखने के बाद विशिष्ठ मेहमानों ने पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के उद्देश्य से अंशुल गुप्ता, महाप्रबंधक/पू. सी. रेल और उनकी टीम द्वारा किए जा रहे रेल संपर्क की प्रगति की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
पूर्वोत्तर स्वाभिमान उत्सव के एक भाग के रूप में सांस्कृतिक शो, संगीत समारोह, हवाई प्रदर्शन आदि जैसे कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। उत्सव में पूर्वोत्तर क्षेत्रों के कई विशिष्ट अतिथि और गणमान्य उपस्थित थे।