सुप्रीम कोर्ट ने 2017 के उस सनसनीखेज हत्या मामले में आरोपी को आज जमानत दे दी, जिसमें 16 वर्षीय छात्र ने सात साल के छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी थी। दोनों गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र थे। इससे पहले किशोर न्याय बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि आरोपी छात्र पर बालिग के रूप में मुकदमा चलाया जाना चाहिए न कि किशोर के रूप में। यह देखते हुए कि आरोपी पिछले पांच साल से हिरासत में है, शीर्ष अदालत ने जमानत दे दी।
कक्षा 2 के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हुई थी हत्या
उस समय कक्षा 11 के इस छात्र पर रेयान स्कूल के कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या करने का आरोप लगा था। उसने परीक्षा और अभिभावक-शिक्षक बैठक को स्थगित करने के लिए इस कत्ल को अंजाम दिया था। सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्न को 8 सितंबर, 2017 को स्कूल के वॉशरूम के बाहर खून से लथपथ पाया गया था, सीनियर छात्र ने उसका गला रेत दिया था। गुड़गांव पुलिस ने उसकी हत्या के आरोप में एक स्कूल बस कंडक्टर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, एक महीने बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आरोपी छात्र को यह कहते हुए गिरफ्तार कर लिया कि उसने प्रद्युम्न की हत्या करना कबूल कर लिया है।
प्रद्युम्न के पिता ने आरोप लगाया था कि यातना देकर कबूलनामा करवाया गया है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को उल्टा लटका कर बेरहमी से पीटा गया था। आरोपी की मेडिकल जांच में पाया गया था कि उसे कोई मानसिक बीमारी नहीं है। इसके बाद एक जज ने कहा था कि कानून का उल्लंघन करने वाला किशोर छात्र मानसिक रूप से अपराध करने में सक्षम है। मामले की सुनवाई 31 अक्टूबर से शुरू होने वाली है।