गुजरात के गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार मामले में अहमदाबाद की एक विशेष अदालत ने 24 आरोपियों दोषी करार दिया गया है। 14 साल बाद विशेष अदालत ने ये फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले में 36 आरोपियों को बरी कर दिया है।
जो लोग बरी किए गए हैं उनमें पुलिस अधिकारी केजी एर्डा और बीजेपी काउंसलर विपिन पटेल भी शामिल हैं। वहीं जिन्हें दोषी पाया गया है उनमें विश्व हिंदू परिषद के नेता अतुल वैद्य और कांग्रेस के पूर्व पार्षद मेघजी चौधरी शामिल हैं। विशेष अदालत के न्यायाधीश पीवी देसाई ने फैसला सुनाया। इस मामले में सजा का ऐलान 6 जून को होगा।
गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार में 28 फरवरी 2002 को हजारों की हिंसक भीड़ ने गुलबर्ग सोसायटी पर हमला कर दिया था। जिसमें कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी समेत 69 लोग मारे गए थे।
इस नरसंहार में 39 लोगों के शव बरामद हुए थे और 30 लोगों का कुछ भी पता नहीं लग पाया था। इस हादसे में 30 लापता लोगों को सात साल बाद मृतक मान लिया गया था।