मालूम हो कि दंगों के दौरान गुलबर्ग सोसायटी में कांग्रेसी नेता एहसान जाफरी को जिंदा जलाकर मार दिया गया था। जाकिया जाफरी ने अपनी याचिका में कहा है कि 2002 दंगों के मामले में मोदी सहित 59 नौकरशाह व पुलिस अधिकारियों को आरोपी बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इन सभी पर आपराधिक साजिश का मुकदमा चलना चाहिए।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने कहा कि जाकिया ने मोदी समेत अन्य को एसआईटी द्वारा दी गई क्लीन चिट को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दिया था। हालांकि हाईकोर्ट ने जाकिया को पुन: जांच की मांग को लेकर या तो सुप्रीम कोर्ट या ट्रायल कोर्ट जाने की इजाजत दी थी।
पूर्व सीबीआई निदेशक आरके राघवन की अध्यक्षता वाली एसआईटी द्वारा दी गई क्लीन चिट को लेकर जाकिया ने आपत्ति आवेदन दाखिल किया था लेकिन ट्रायल कोर्ट ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।