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गुजरात: अपने लिए खुद फंड जुटाएंगी गाय, गौशाला में बनाए जाएंगे गोमूत्र बैंक

Sat, 15 Dec 2018 01:20 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
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सांकेतिक तस्वीर
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गुजरात सरकार गाय के गोबर पर काफी ध्यान दे रही है ताकि इसके जरिए गौ कल्याण के लिए फंड जुटाया जा सके और गायों को कटने से बचाया जा सके। जीव दया के फॉलोवर्स इससे काफी प्रोत्साहित हैं। सरकार राज्यभर में पंजरापोल्स (गोशाला) में गाय के गोबर और गोमूत्र के लिए बैंक बनाना शुरू करने वाली है। इससे राज्य को उन लाखों आवारा गायों की देखभाल करने के लिए राजस्व कमाने में मदद मिलेगी जो बूचड़खाने जाती हैं। इससे उन्हें बूचड़खानों में जाने से रोकने में मदद मिलेगी।

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गुजरात सरकार के वरिष्ठ मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा ने कहा, सरकार गौशालाओं में गौ मूत्र और गोबर बैंक स्थापित करने वाली है ताकि ऑर्गेनिक खाद और प्राकृतिक कीटनाशक की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके और इससे राजस्व भी मिल सके। चुडास्मा के पास गाय संरक्षण की जिम्मेदारी है।

मंत्री ने कहा, एक व्यवस्थित मॉडल विकसित किया जाएगा जिसमें गोबर और गौमूत्र को इकट्ठा करके पैकिंग की जाएगी और फिर उसे वितरित किया जाएगा। हम इसमें किसान सहकारी समितियों को शामिल करेंगे। गुजरात को खराब मानसून का सामना करना पड़ता है जिसकी वजह से चारे की कमी हो जाती है। केवल इतना ही नहीं सरकार ने हाल ही में 2.30 लाख गायों को प्रतिदिन 25 रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। जिसमें से 11 जिलों के 51 ताल्लुकाओं के 412 गोशाला शामिल हैं। जहां चारे की कमी घोषित की गई है।
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बेशक सरकार ने गायों के लिए कैंप बनाने और प्रति जानवर 25 रुपये देने का फैसला किया है, राज्य मवेशियों की बढ़ते परित्याग का सामना कर रहा है खासतौर से उन गायों का त्याग कर दिया जाता है जिन्होंने दूध देना बंद कर दिया है। गोशाला मालिकों का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा जानवरों का परित्याग किया जा रहा है।

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