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Gujarat Rains: वडोदरा शहर के कई हिस्से दूसरे दिन भी जलमग्न, बाढ़ग्रस्त इलाकों में बचाव के लिए बुलाई गई सेना

Wed, 28 Aug 2024 06:07 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

गुजरात में भारी बारिश से आम जनजीवन बेहाल है, हालात ये है कि वडोदरा शहर लगातार दूसरे दिन भी जलमग्न है। सरकार ने वडोदरा शहर के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी भरे रहने की स्थिति को खतरनाक बताया है और राहत और बचाव कार्य के लिए सेना को बुलाया है।
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वडोदरा शहर के कई हिस्से दूसरे दिन भी जलमग्न - फोटो : PTI
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विस्तार
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गुजरात में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सेना को बुलाया गया है। वहीं वडोदरा शहर में बाढ़ का पानी लगातार दूसरे दिन भरने की स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता रुशिकेश पटेल ने कहा कि कुछ इलाकों में 10 से 12 फीट पानी भरा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने बताया कि शहर से होकर बहने वाली विश्वामित्री नदी मंगलवार सुबह भारी बारिश और अजवा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद खतरे के निशान 25 फीट को पार कर गई है।
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सीएम भूपेंद्र पटेल ने अधिकारियों के साथ की बैठक
वहीं गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से राज्य के जिला कलेक्टरों और नगर आयुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बारिश की स्थिति की समीक्षा की है। इस दौरान तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। 
 

खतरे के निशान से ऊपर बह रही विश्वामित्री नदी
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अजवा बांध का जलस्तर वर्तमान में 213.8 फीट है। हमने गेट बंद कर दिए हैं, ताकि विश्वामित्री नदी में अतिरिक्त पानी न जाए। नदी वर्तमान में 37 फीट पर बह रही है, जो खतरे के निशान से काफी ऊपर है। शहर में पानी भर गया है और कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। मंत्री ने कहा कि सेना की चार टुकड़ियां वर्तमान में शहर में राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
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प्रशासन ने 5,000 से अधिक लोगों को बचाया
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ के पानी को विश्वामित्री नदी में छोड़ने के बजाय नर्मदा नहर में मोड़ने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। वडोदरा में स्थिति चिंताजनक है क्योंकि नदी के दोनों किनारों पर कई इलाके अभी भी 10 से 12 फीट पानी के नीचे हैं। कुछ इलाकों में चार से पांच फीट पानी है। स्थानीय प्रशासन ने 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और लगभग 1,200 फंसे हुए लोगों को बचाया है।

मंत्रियों ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
गुजरात के मंत्री ऋषिकेश पटेल और जगदीश विश्वकर्मा ने स्थिति का जायजा लेने के लिए वडोदरा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।



NDRF-SDRF के साथ सेना रेस्क्यू में जुटी
वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, फंसे हुए लोगों की मदद के लिए शहर में पहले से काम कर रहे राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और एसडीआरएफ की एक-एक टीम के अलावा, हमने लोगों को निकालने और खाद्य पैकेट वितरित करने के लिए सेना की तीन नई टुकड़ियां और एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की एक-एक और टीम को सेवा में लगाया है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा के स्थानीय नेता भी लोगों की मदद कर रहे हैं, हालांकि उनमें से कई के घर भी आंशिक रूप से जलमग्न हैं।

गुजरात में बारिश से दो दिनों में 16 लोगों की मौत
उन्होंने आगे बताया कि सिद्धार्थ नगर, अकोटा, हरनी-समा रोड, फतेहगंज, मुंजमहुदा और वडसर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से हैं। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए और नावें भेजी गई हैं। बता दें कि पूरे गुजरात में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो दिनों में 16 लोगों की जान चली गई है और हजारों लोगों को निकाला गया है।
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