कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष पर भाषण पर कड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपने 25 मिनट के भाषण में अमेरिका का नाम तक नहीं लिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी पूरी तरह से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नियंत्रण में हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इसी वजह से पीएम संसद में बहस नहीं कर सकते। राहुल गांधी ने ये बात गुजरात के वडोदरा में आयोजित आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत में खेती का बड़ा हिस्सा अभी भी मेहनत और हाथों से किए जाने वाले काम पर आधारित है, जबकि अमेरिका में खेती बड़े पैमाने पर मशीनों के जरिए होती है। ऐसे में वहां के सस्ते और बड़े स्तर पर तैयार उत्पाद भारतीय बाजार में आएंगे, तो यहां के किसानों के लिए मुकाबला करना मुश्किल हो जाएगा।
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भारत का कृषि क्षेत्र विदेशी उत्पादों के लिए खोला- राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि इसी वजह से पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र को इस तरह पूरी तरह नहीं खोला था, क्योंकि इससे किसानों की आजीविका पर खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि इस समझौते में पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने देश के कृषि क्षेत्र को विदेशी उत्पादों के लिए खोल दिया है। राहुल गांधी के अनुसार, अगर अमेरिका के कृषि उत्पाद भारत में बिना रोक-टोक आने लगे, तो इसका सीधा नुकसान भारतीय किसानों को होगा।
आरएसएस और पीएम मोदी पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि जब भी वह जाति जनगणना की बात करते हैं, तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका विरोध करते हैं। वडोदरा में आयोजित आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन को संबोधित करते कांग्रेस सांसद दौरान राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आदिवासियों को वनवासी कहना संविधान और आदिवासी नेता बिरसा मुंडा का अपमान है।
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उन्होंने कहा कि इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल आदिवासी समाज की पहचान को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की विरासत और उनके विचारों पर हमला किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि कुछ लोग संविधान की बात करते हैं, लेकिन वही लोग आदिवासियों के अधिकारों को कमजोर कर रहे हैं।
संविधान सिर्फ किताब नहीं- राहुल गांधी
सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा कि संविधान सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि यह देश की सोच और हर नागरिक के अधिकारों की गारंटी है, जिसमें हजारों साल पुराने विचार शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के नेता एक तरफ महान नेताओं की मूर्तियों के सामने सम्मान दिखाते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आदिवासियों के अधिकारों को कमजोर करते हैं।