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Gujarat: अवैध गतिविधियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने 17 जेलों में छापेमारी की, 1700 पुलिसकर्मी रहे शामिल

Sat, 25 Mar 2023 01:50 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

गुजरात के डीजीपी विकास सहाय ने कहा, “इन छापों का मकसद यह पता लगाना है कि जेलों से कोई अवैध गतिविधि तो संचालित नहीं की जा रही है, साथ ही इसका उद्देश्य उन्हें रोकना भी है।" 
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गुजरात की जेलों में हुई छापेमारी। - फोटो : ANI
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विस्तार
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गुजरात पुलिस ने शुक्रवार देर रात राज्य की 17 जेलों में एक साथ छापेमारी की। बताया गया है कि पुलिस ने जेलों में अवैध गतिविधियों को पकड़ने के लिए यह कार्रवाई की। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि छापेमारी का एक मकसद यह पता लगाना भी रहा कि कैदियों को कानून के तहत सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।
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गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विकास सहाय ने कहा कि शुक्रवार रात से शुरू हुए इस अभियान में अधिकारियों समेत करीब 1,700 पुलिसकर्मी शामिल हैं। उन्होंने शुक्रवार रात में कहा था कि कि छापेमारी अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट और अन्य शहरों की केंद्रीय जेलों के साथ उप-जेलों में भी की जा रही है।

सहाय ने कहा, “इन छापों का मकसद यह पता लगाना है कि जेलों से कोई अवैध गतिविधि तो संचालित नहीं की जा रही है, साथ ही इसका उद्देश्य उन्हें रोकना भी है। इस अभियान में खोजी कुत्तों को भी शामिल किया गया है।” उन्होंने कहा कि अभियान का दूसरा मकसद यह पता लगाना भी है कि कैदियों को कानून के तहत उचित सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं।
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कैमरे से लैस रहे छापों में शामिल पुलिसकर्मी
अभियान में शामिल पुलिसकर्मी कैमरों से लैस रहे और इस पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण गांधीनगर में राज्य पुलिस नियंत्रण केंद्र में किया गया। यहां गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी, डीजीपी सहाय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सहाय ने कहा, “ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कैदियों और जेल अधिकारियों से बातचीत की।”

जेल में छापों पर क्या-क्या मिला?
उन्होंने कहा कि छापे के कुछ घंटों के दौरान जेल की बैरकों से स्मार्टफोन बरामद किए गए। उन्होंने कहा कि छापेमारी के बारे में अधिक जानकारी अभियान समाप्त होने पर दिन में साझा की जाएगी। सहाय ने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारी कैमरों से लैस हैं। अहमदाबाद की साबरमती जेल में भी छापेमारी की गई है जहां उत्तर प्रदेश का कथित गैंगस्टर अतीक अहमद और अहमदाबाद बम विस्फोट मामले के कई दोषी बंद हैं।
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