विमान में सवार थे 276 यात्री, 21 गुजराती शामिल
निकारागुआ जाने वाले एयरबस A-340 विमान ने 276 यात्री सवार थे। इसे मानव तस्करी के संदेह में चार दिन तक फ्रांस के एक हवाई अड्डे पर खड़ा कर दिया गया था। विमान मंगलवार को मुंबई पहुंचा। राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक उन यात्रियों में गुजरात के कम से कम 21 लोग शामिल थे।
पूछताछ कर रहीं हमारी टीमें: पुलिस अधीक्षक (सीआईडी)
सीआईडी (अपराध) के पुलिस अधीक्षक संजय खरात ने कहा, 'हमें पता चला है कि 21 यात्री गुजरात के थे। उनमें से कुछ राज्य में अपने संबंधित स्थानों पर पहुंच गए हैं। हमारी टीमें अभी मैदान में हैं और हमने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।' उन्होंने कहा कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अमेरिका में संभावित अवैध आव्रजन के लिए यात्रियों से कैसे संपर्क किया गया। निकारागुआ पहुंचने के बाद उन्हें अमेरिका कैसे जाना था और इसमें कौन से एजेंट शामिल थे।
सीआईडी ने जांच के गठित कीं चार टीमें
इससे पहले मंगलवार को खरात ने कहा था कि सीआईडी ने मामले की जांच के लिए चार टीमों का गठन किया है।उन्होंने कहा, 'सीआईडी (अपराध) उन एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करना चाहती है, जिन्होंने पीड़ितों को अमेरिका और अन्य देशों (अवैध रूप से) में प्रवेश करने में मदद का वादा किया था। हमने चार टीमों का गठन किया है, जो पीड़ितों से इन एजेंटों द्वारा किए गए वादों के बारे में जानकारी हासिल करेंगी।
ज्यादातर यात्री मेहसाणा जिले के निवासी
इस बीच, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ज्यादातर यात्री मेहसाणा जिले के रहने वाले हैं, जिसके बाद जिले की पुलिस हरकत में आई है। मेहसाणा के एसपी अचल त्यागी ने कहा कि एक स्थानीय पुलिस टीम ने किरण पटेल नाम के एक एजेंट के आव्रजन नेटवर्क का हिस्सा होने के दावों की पुष्टि करने के लिए एक जगह का दौरा किया है। उन्होंने कहा, 'हमारे पास मेहसाणा के निवासियों के बारे में अभी तक कोई विशेष जानकारी नहीं है, जो उस विमान में सवार थे। चूंकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मेहसाणा के लोग उड़ान में थे, इसलिए हमने आव्रजन विभाग से यात्रियों की सूची मांगी है।' उन्होंने कहा कि किरण पटेल मेहसाणा में अपने घर पर नहीं मिले क्योंकि वह कई साल पहले दूसरे स्थान पर चले गए थे।
अवैध आव्रजन में कई एजेंट मिलकर करते हैं काम: सीआईडी
खरात ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा था कि राज्य सीआईडी को घटना में शामिल एजेंटों के बारे में अब तक 'कच्ची जानकारी' मिली है और संबंधित यात्रियों से पूछताछ के बाद ही इस बारे में और जानकारी मिल पाएगी। खरात ने कहा था कि अवैध आव्रजन में शामिल विभिन्न एजेंट मिलकर काम करते हैं। उन्होंने कहा था, 'गांव और जिला स्तर पर काम करने वाले एजेंट छोटे खिलाड़ी होते हैं, जिनका नियंत्रण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले सरगना के हाथ में होता है।' उन्होंने कहा था कि गुजरात पुलिस जांच करेगी और स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी कि वे कैसे काम करते हैं।
पेरिस के वेट्री हवाई अड्डे पर रोका गया था विमान
रोमानिया की चार्टर कंपनी लीजेंड एयरलाइंस द्वारा संचालित और निकारागुआ जाने वाला चार्टर्ड विमान 21 दिसंबर को दुबई से रास्ते में तकनीकी ठहराव के लिए पेरिस के पास वेट्री में उतरा था। तभी फ्रांसीसी पुलिस के अधिकारियों ने दखल दिया। फ्रांसीसी अधिकारियों ने यात्रा की स्थितियों और उद्देश्य की न्यायिक जांच शुरू की। जिसमें संगठित अपराध में विशेषज्ञता रखने वाली एक इकाई संदिग्ध मानव तस्करी की जांच कर रही थी।
2023 में 96917 भारतीयों ने अवैध रूप से अमेरिका में किया प्रवेश
निकारागुआ अमेरिका में शरण चाहने वालों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य बन गया है। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा गश्ती (सीबीपी) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023 में 96,917 भारतीयों ने अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने का प्रयास किया। जो पिछले वर्ष की तुलना में 51.61 फीसदी की वृद्धि का संकेत है।सीबीपी के आंकड़ों से पता चलता है कि उन भारतीयों में से कम से कम 41,770 ने मैक्सिको की जमीनी सीमा के जरिए अमेरिका में प्रवेश करने का प्रयास किया। निकारागुआ या तीसरे देशों के लिए उड़ानें जहां यात्रा दस्तावेज प्राप्त करना आसान है, उन्हें 'डंकी' उड़ानों के रूप में जाना जाता है।