गुजरात के पूर्व गृह मंत्री विपुल चौधरी को दूधसागर डेयरी के अध्यक्ष के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। देर रात एंटी करप्शन ब्यूरो ने विपुल चौधरी को हिरासत में लिया था। लंबी पूछताछ के बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उन्हें अरेस्ट कर लिया है। विपुल चौधरी को मेहसाणा की एक अदालत ने सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
विपुल के बेटे और पत्नी पर रिपोर्ट दर्ज
विपुल चौधरी को मेहसाणा एसीबी ने 800 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। उनके सीए शैलेष पारिख को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले शैलेष को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। विपुल की पत्नी और उनके बेटे पर भी आईपीसी की धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गुजरात के दमदार नेताओं में शामिल है विपुल चौधरी
55 वर्षीय विपुल चौधरी का गुजरात राजनीति में बड़ा कद माना जाता है। वह 1995 में विधायक बने थे और केशुभाई पटेल सरकार में राज्य मंत्री बने। पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के करीबी माने जाने वाले विपुल चौधरी 1996-1997 में गृह राज्य मंत्री बने थे। उस दौरान शंकर सिंह वाघेला मुख्यमंत्री थे। ये कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा में भी रह चुके हैं।
करोड़ों की जालसाजी का आरोप
विपुल चौधरी पर अलग-अलग फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों के गबन का आरोप है। दूधसागर डेयरी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके विपुल की 14.8 करोड़ के बोनस स्कैम मामले में दिसंबर 2020 में गिरफ्तारी हुई थी।