गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए रविवार शाम 6 बजे मतदान खत्म हो गया। राज्य में कुल 57.14 प्रतिशत वोट पड़े। आंकड़ों से पता चलता है कि शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों के मतदाताओं ने ज्यादा उत्साह दिखाया। तालुका पंचायतों में सबसे अधिक 61.22 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद जिला पंचायतों में 60.66 प्रतिशत और नगर पालिकाओं में 58.12 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। नगर निगमों में सबसे कम 48.55 प्रतिशत मतदान हुआ।
अहमदाबाद नगर निगम में केवल 45.35 प्रतिशत वोट पड़े। शहर के गोमतीपुर में सबसे ज्यादा 62.35 प्रतिशत और ठक्करबापानगर में सबसे कम 36.29 प्रतिशत मतदान हुआ। यह चुनाव 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों की कुल 10,000 से ज्यादा सीटों के लिए हुआ। इनमें से 9,900 से अधिक सीटों पर उम्मीदवारों के बीच मुकाबला था, जबकि 736 सीटों पर प्रतिनिधि पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे।
इस चुनाव में 4 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने हिस्सा लिया। प्रशासन ने वोटिंग के लिए ईवीएम (EVM) का इस्तेमाल किया। अकेले अहमदाबाद जिले में 4,000 से ज्यादा पोलिंग बूथ बनाए गए थे। चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। अब सभी को 28 अप्रैल का इंतजार है, जब मतगणना के बाद नतीजे घोषित होंगे।
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अमित शाह ने किया मतदान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने लोगों से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। मतदान केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।
मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री ने किया मतदान
गुजरात के मुख्यमंत्री पटेल ने सुबह 7 बजे मतदान शुरू होते ही अहमदाबाद के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। चुनाव को 'लोकतंत्र का उत्सव' बताते हुए सीएम ने नागरिकों से सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया और मतदान को एक महत्वपूर्ण नागरिक कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा, 'आज गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव हो रहे हैं। यह लोकतंत्र का उत्सव है और प्रत्येक नागरिक को इसमें भाग लेकर अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।'
उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने भी सूरत में वोट डाला और जनभागीदारी पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि पूरे गुजरात में लोग बड़ी संख्या में मतदान कर रहे हैं ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित विकास की राजनीति को मजबूती मिल सके। सांघवी ने आगे कहा कि नागरिक उत्साहित हैं और राज्य के विकास में योगदान देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'आज मैंने अपने परिवार के साथ-साथ शहर और पूरे राज्य के लोगों से वोट डाला है। गुजरात के नागरिकों ने प्रधानमंत्री मोदी की विकासोन्मुखी राजनीति को और मजबूत करने के लिए आगे कदम बढ़ाया है।'
पाटन में मतदान के बाद बुजुर्ग महिला की मृत्यु
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान गुजरात के पाटन शहर में एक मतदान केंद्र पर वोट डालने के बाद 68 वर्षीय महिला की हृदयाघात से मृत्यु हो गई। अतिरिक्त कलेक्टर हिरेन चौहान ने बताया, 'पाटन नगरपालिका के बी.एम. हाई स्कूल में सुबह मतदान करने के बाद कमला सोलंकी नामक एक मतदाता की मृत्यु हो गई।' उन्होंने पुष्टि की कि मृत्यु हृदयाघात के कारण हुई। मृत महिला पाटन के मायानगर सोसाइटी की निवासी थीं। उनके बेटे जयेश सोलंकी ने बताया कि उनकी मां को अचानक अस्वस्थता महसूस हुई और मतदान केंद्र के अंदर ही वे गिर पड़ीं। पुलिसकर्मी, प्रशासनिक कर्मचारी और अन्य मतदाता उनकी सहायता के लिए दौड़े और उन्हें तुरंत एक सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर हिमांशु पटेल ने बताया कि मरीज को मृत अवस्था में लाया गया था और मृत्यु का संभावित कारण हृदयाघात था।
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किन-किन पार्टियों के बीच मुकाबला
मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच माना जा रहा है, जबकि एआईएमआईएम और अन्य दल भी कई जगहों पर चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव में कुछ चर्चित उम्मीदवार भी हैं, जिनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी एम एल निनामा, पूर्व रेडियो जॉकी आभा देसाई और पूर्व आप विधायक भूपेंद्र भायानी शामिल हैं। यह भी पहली बार है कि गुजरात की 9 नई नगरपालिकाओं में चुनाव हो रहे हैं, जिनमें नवसारी, गांधीनगर, मोरबी, वापी, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर शामिल हैं।
वोटों की गिनती 28 अप्रैल को की जाएगी।
गौरतलब है कि इस चुनाव में सभी प्रमुख दलों ने जोरदार प्रचार किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भाजपा के लिए प्रचार किया, जबकि आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कई रैलियां कीं। 2021 के पिछले स्थानीय चुनावों में भाजपा ने भारी जीत दर्ज की थी और अधिकांश सीटों पर अपना दबदबा बनाया था।