दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी पर घिरे अरविंद केजरीवाल को बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा मिल गया है। गुजरात में नकली शराब पीने से अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। लगभग 40 लोग अभी भी गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। अरविंद केजरीवाल मंगलवार को गुजरात के व्यापारियों से मुलाकात कर अपना राजनीतिक अभियान आगे चलाने वाले थे, लेकिन इसी बीच शराब कांड हो गया है। शराब कांड के रूप में उन्हें एक बड़ा मुद्दा मिल गया है और माना जा रहा है कि वे इसे गुजरात विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने से पीछे नहीं हटेंगे।
गुजरात में शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध है। यहां शराब को बेचना, खरीदना अपराध है। सरकार यहां पर शराब खरीदने-बेचने का लाइसेंस नहीं देती। लेकिन आरोप है कि सरकार के इन कड़े नियमों के पीछे गुजरात में नकली शराब का धंधा खूब फल-फूल रहा है। अपराधियों और पुलिस की सांठ-गांठ से यह धंधा चलता रहता है औऱ इसकी कीमत आम आदमी को चुकानी पड़ती है। हर जगह नकली शराब बेची जा रही है और इससे आये दिन लोगों की मौत होती रहती हैं।
गुजरात की इस घटना ने केजरीवाल को यह अवसर उपलब्ध करा दिया है कि वह अपनी एक्साइज पॉलिसी को सही ठहरा सके। अब वह यह कह सकेगी कि नकली शराब पीकर लोगों के मरने से यह बेहतर है कि लोगों को सही गुणवत्ता की शराब उचित कीमत पर मिल सके जिससे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस घटना के सामने आने के बाद अरविंद केजरीवाल तुरंत सक्रिय हुए और उन्होंने नकली शराब पीने से हुई मौतों पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि वे भावनगर जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। जबकि इसी घटना पर गुजरात के मुख्यमंत्री ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।