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Gujarat Liquor Tragedy: आबकारी नीति पर घिरे केजरीवाल को मिला मुद्दा, पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे सीएम

सार

Gujarat Liquor Tragedy: दिल्ली सरकार अपनी एक्साइज पॉलिसी का यह कहकर बचाव करती रही है कि इससे लोगों को सस्ती और गुणवत्तायुक्त शराब पीने को मिलेगी। इससे नकली शराब की बिक्री पर अंकुश लगेगी और नकली शराब पीने से होने वाली मौतों को रोका जा सकेगा।
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Gujarat Liquor Tragedy: arvind kejriwal - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी पर घिरे अरविंद केजरीवाल को बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा मिल गया है। गुजरात में नकली शराब पीने से अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। लगभग 40 लोग अभी भी गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। अरविंद केजरीवाल मंगलवार को गुजरात के व्यापारियों से मुलाकात कर अपना राजनीतिक अभियान आगे चलाने वाले थे, लेकिन इसी बीच शराब कांड हो गया है। शराब कांड के रूप में उन्हें एक बड़ा मुद्दा मिल गया है और माना जा रहा है कि वे इसे गुजरात विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने से पीछे नहीं हटेंगे।

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दरअसल, दिल्ली की शराब नीति पर अरविंद केजरीवाल सरकार घिरी हुई है। उसने दिल्ली में शराब पीने की उम्र 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष कर दी है। ड्राइ डे की संख्या घटाकर केवल तीन की जा चुकी है। दिल्ली सरकार की एक्साइज पॉलिसी की सबसे बड़ी आलोचना इस बात को लेकर की जा रही है कि उसने दिल्ली के हर वार्ड में शराब की दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है। भाजपा ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया हुआ है।

उसका कहना है कि केजरीवाल सरकार केवल राजस्व कमाने की चाहत में दिल्ली की गली-गली में शराब बेचने को अनुमति दे दी है, जिससे दिल्ली का माहौल खराब हो रहा है। इसी मामले में दुकानों का लाइसेंस देने में अनियमितता बरतने के मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश भी की जा चुकी है। इससे केजरीवाल सरकार अब तक बैक फुट पर थी, लेकिन गुजरात नकली शराब कांड ने उसको एक बड़ा राजनीतिक अवसर उपलब्ध करा दिया है।
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दिल्ली सरकार अपनी एक्साइज पॉलिसी का यह कहकर बचाव करती रही है कि इससे लोगों को सस्ती और गुणवत्तायुक्त शराब पीने को मिलेगी। इससे नकली शराब की बिक्री पर अंकुश लगेगी और नकली शराब पीने से होने वाली मौतों को रोका जा सकेगा। साथ ही, नकली और सस्ती शराब होने से दिल्ली का पर्यटन बढ़ेगा और राजधानी में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

गांधी के राज्य में शराब पर प्रतिबंध

गुजरात में शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध है। यहां शराब को बेचना, खरीदना अपराध है। सरकार यहां पर शराब खरीदने-बेचने का लाइसेंस नहीं देती। लेकिन आरोप है कि सरकार के इन कड़े नियमों के पीछे गुजरात में नकली शराब का धंधा खूब फल-फूल रहा है। अपराधियों और पुलिस की सांठ-गांठ से यह धंधा चलता रहता है औऱ इसकी कीमत आम आदमी को चुकानी पड़ती है। हर जगह नकली शराब बेची जा रही है और इससे आये दिन लोगों की मौत होती रहती हैं।

गुजरात की इस घटना ने केजरीवाल को यह अवसर उपलब्ध करा दिया है कि वह अपनी एक्साइज पॉलिसी को सही ठहरा सके। अब वह यह कह सकेगी कि नकली शराब पीकर लोगों के मरने से यह बेहतर है कि लोगों को सही गुणवत्ता की शराब उचित कीमत पर मिल सके जिससे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

तुरंत सक्रिय हुए केजरीवाल

इस घटना के सामने आने के बाद अरविंद केजरीवाल तुरंत सक्रिय हुए और उन्होंने नकली शराब पीने से हुई मौतों पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि वे भावनगर जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। जबकि इसी घटना पर गुजरात के मुख्यमंत्री ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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