गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न पार्टियां अपने लोक लुभावने वादे कर जनता को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, गुजरात सरकार भी जनता के लिए योजनाओं की घोषणा कर रही है। चुनावों से पहले, इस साल हुई बेमौसम बारिश से नुकसान झेल रहे किसानों के लिए शुक्रवार को 630.34 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की।
अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज यानी शुक्रवार को राहत पैकेज को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली थी। इस राहत पैकेज से 14 जिलों के 2,554 गांवों के आठ लाख किसानों को लाभ मिलेगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि छोटाउदपुर, नर्मदा, पंचमहल, नवसारी, वलसाड, डांग, तापी, सूरत, कच्छ, जूनागढ़, मोरबी, पोरबंदर, आनंद और खेड़ा में बारिश के कारण हुए नुकसान का आकलन और सर्वेक्षण किया गया था। इसके बाद इस राहत पैकेज को मंजूरी दी गई है।
इस राहत पैकेज को लेकर सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, इस राहत पैकेज में किसानों को दो हेक्टेयर फसल पर 6,800 रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा मिलेगा। अगर पिछले खरीफ सीजन के दौरान अत्यधिक बारिश के कारण फसल नुकसान (केले के बागान को छोड़कर) 33 प्रतिशत के बराबर या उससे अधिक था। वहीं, केले के बागान के नुकसान के लिए मुआवजा दो हेक्टेयर की सीमा के साथ 30,000 प्रति हेक्टेयर रखा गया है।
इस राहत पैकेज का लाभ पाने के लिए प्रभावित किसानों को अपने गांवों में ई-ग्राम केंद्रों के माध्यम से सभी आवश्यक विवरणों और दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा। इसके लिए किसानों को किसी भी आवेदन शुल्क या शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि मुआवजा राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) और राज्य के बजट से दिया जाएगा। इसके अलावा फसल का नुकसान इस राशि से कम होने पर भी न्यूनतम मुआवजा 4,000 रुपये तय किया गया है।