देश के कोने-कोने में आए दिन ब्लू व्हेल गेम से युवकों और बच्चों की लगातार मौतें हो रही हैं। इस समस्या के चलते गुजरात सरकार ने कड़ा कदम उठाया है।
पढ़ें: हिमाचल में भी ब्लू व्हेल गेम से हड़कंप, छात्र ने ब्लेड से काट दी बाजू
गुजरात की रुपानी सरकार ने ब्लू व्हेल गेम के प्रशासक और क्यूरेटर की जानकारी देने वाले शख्स को 1 लाख रुपये नकद ईनाम देने का ऐलान किया है। राज्य के गृह विभाग ने राज्य पुलिस और जिला प्रशासन को आदेश जारी कर कहा है कि वे लोगों के इस गेम को खेलने पर रोक लगाएं।
गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने बताया कि कथित गेम की जानकारी लेने के लिए राज्य के सभी साइबर सेल को पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार ने कमिश्नर और जिला मजिस्ट्रेट के सीआरपीसी और गुजरात पुलिस एक्ट के तहत इस पर रोक लगाने के आदेश दे दिए हैं।
बता दें कि गुजरात सरकार ने ब्लू व्हेल गेम पर पहले से ही रोक लगा रखी है। जानकारी के मुताबिक, शैक्षिक संस्थान भी गेम के बुरे प्रभावों के बारे में बताकर लोगों को इसके प्रति आगाह कर रहे हैं और पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने भी अभिभावकों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
राज्य सरकार ने ब्लू व्हेल चैलेंज के प्रशासक और क्यूरेटर की जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखने की बात कही है। ब्लू व्हेल चैलेंज सोशल मीडिया एप्स पर ऑनलाइन गेमिंग और कम्यूनिटी मैसेज ग्रुप्स हैं जिसमें गेम के क्यूरेटर और प्रशासक प्रतिभागी को निजी चेट प्लेटफॉर्म के जरिए टारगेट देते हैं।
पढ़ें: ब्लू व्हेल गेम का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, दायर की गई याचिका में कई दलीलें
टारगेट के तहत प्लेयर को 50 दिन का टास्क दिया जाता है। इतना ही नहीं प्लेयर को अपना टास्क पूरा करने के बाद फोटो भी शेयर करने को कहा जाता है। बता दें कि कोई जानकारी ना मिले इसलिए गेम के लिंक के आईपी एड्रेस को हर बार चेंज कर दिया जाता है।