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जाति उत्पीड़न के विरोध में हिंसक हुए दलितों के महासम्मेलन ने गुजरात सरकार की नींद उड़ाई

Sat, 30 Jul 2016 06:00 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अभी तक दलितों को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। - फोटो : PTI
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गुजरात के ऊना में दलितों की पिटाई का मामला सामने आने के बाद देश भर में आनंदी बेन सरकार पर सवाल खड़े हुए हैं और विरोध प्रदर्शन बढ़ता गया है। राज्य में कई जगहों पर दलितों के विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया। इसी सिलसिले में विरोध जताने के लिए रविवार को एक बार फिर दलित, महासम्मेलन के लिए अहमदाबाद में इकट्ठा हो रहे हैं। जाति उत्पीड़न के खिलाफ हिंसक हुए दलितों के इस महासम्मेलन ने आनंदी बेन सरकार की नींद उड़ा दी है। 
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गौरतलब है कि पाटीदार महारैली के बाद 25 अगस्त को राज्य भर में फैली हिंसा और आगजनी में आनंदी बेन सरकार के हाथ पहले झुलसे हुए हैं। ऊना में दलितों की पिटाई का मामला सामने आने के बाद ऊना दलित अत्याचार लड़त समिति ने महासम्मेलन के तौर पर बैठक बुलाई। इसके बाद वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस और नेताओं की शुक्रवार को बैठक हुई। हालांकि बैठक में इस बात पर कोई निर्णय नहीं हो सका कि कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के लिए दलितों को अनुमति दी जाए। हालांकि शनिवार को इस पर निर्णय होने की संभावना है। 
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कलेक्ट्रेट ऑफिस दलित बहुत इलाकों से घिरा हुआ है।

फाइल फोटोः महासम्मेलन में रोहित वेमुला का परिवार भी शामिल होगा। - फोटो : Getty Images
अतिरिक्त सचिव (गृह) पीके तनेजा ने कहा, 'घंटे के हिसाब से हम इस पर नजर रखे हुए हैं। लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।'

दलित महासम्मेलन में रोहित वेमुला का परिवार भी शामिल होगा। ऐसे में महासम्मेलन का राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरना तय है। ऐसे में पुलिस, नेता और गृह विभाग के अधिकारियों को इस बात की आशंका है कि कहीं पूरे अहमदाबाद या राज्य के अन्य हिस्सों में हिंसा न फैल जाएं। 

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) वीएम पारगी ने राज्य और केंद्र की एजेंसियों से हिंसा की संभावना को लेकर जानकारी मांगी है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'हम नहीं चाहते कि सड़कों पर भावनाएं उगली जाएं और हिंसा भड़क उठे।'

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जेसीपी सेक्टर-1 आरआर भगत और  जेसीपी क्राइम ब्रांच जेके भट्ट को दलित नेताओं के साथ बातचीत के लिए भेजा गया। ताकि प्रदर्शन स्थल को बदलवाया जा सके। बता दें कि कलेक्ट्रेट ऑफिस दलित बहुल इलाके से घिरा हुआ है। इनमें जूना वडाज, रानिप और चांदखेड़ा शामिल हैं। 

UDALS के संयोजक जिग्नेश मेवानी ने कहा, 'हमने कलेक्ट्रेक ऑफिस पर महासम्मेलन के लिए दबाव बनाया है, ताकि हमारा विरोध प्रदर्शन लोगों तक पहुंच सके।'
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