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शुक्र है गुजरातियों का ...वरना भाजपा के प्रपैगैंडावादी हव्वे से सिहर गई थी कांग्रेस

Fri, 01 Dec 2017 06:21 AM IST
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि 29 नवंबर को सोमनाथ मंदिर में राहुल गांधी के जाने के बाद भाजपा के हाथ बड़ा मुद्दा लग गया था। कांग्रेस पार्टी के एक महासचिव के अनुसार भाजपा का प्रोपगैंडा फैलाने में कोई जवाब नहीं है। अपनी आदत के अनुरूप सत्ता पक्ष ने गुजरात में एक बार फिर सांप्रदायिक कार्ड खेलने की जोरदार कोशिश की, लेकिन गुजरात की जनता ने उसे नाकाम कर दिया।
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गुजरातियों की समझदारी के चलते 30 नवंबर की सुबह तक भाजपा अपने मकसद में नाकाम हो गई। सूत्र के मुताबिक कई दशक बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब भाजपा हिंदुत्व और गुजरात की अस्मिता जैसे तमाम दांव आजमा रही है, लेकिन अभी तक उसके एजेंडे नहीं चल पा रहे हैं।

सूत्र बताते हैं कि बुधवार को दोपहर बाद से ही राहुल गांधी के नाम से सोमनाथ मंदिर के रजिस्टर में दर्ज विवरण की सुर्खियां बनने के बाद कांग्रेस मुख्यालय के माथे पर बल आ गए थे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इसको लेकर चिंतित नजर आई। बताते हैं इसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित समेत अन्य से चर्चा भी की। दिल्ली से लेकर अहमदाबाद तक के पार्टी के रणनीतिकारों ने मोर्चा संभाल लिया। यह सब कवायद इसलिए हुई, क्योंकि कांग्रेस भाजपा को इस बार कोई भी मौका नहीं देना चाह रही थी।
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शुक्र है गुजरात की जनता का

साजिश की बू
कांग्रेस पार्टी के नेताओं को इस पूरे घटनाक्रम में एक सोची-समझी साजिश नजर आ रही है। दरअसल पूरा वाकया मीडिया टीम को सोमनाथ मंदिर के अंदर ले जाने के दौरान हुआ। मंदिर प्रशासन के सुरक्षा मानक के अनुसार एंट्री करने के लिए कहा गया। सुरक्षा बलों ने इसका दबाव बनाया और आनन फानन में कांग्रेस पार्टी के एक संयोजक ने खाना पूर्ति कर दी।

बताते हैं इस खानापूर्ति के थोड़ी ही देर के भीतर सबकुछ वायरल किया जा चुका था। मीडिया में इससे जुड़ी खबरें आने लगी और दौरे पर गए नेताओं के हाथ-पांव फूलने लगे। लेकिन थोड़ी ही देर में सबकुछ संतुलित करने के प्रयास शुरू हो गए। 

शुक्र है गुजरात की जनता का
कांग्रेस मुख्यालय के सूत्रों का कहना है कि वह इसके लिए गुजरात की जनता का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। राज्य की जनता का सबकुछ समझ रही है। इसलिए भाजपा के तमाम प्रयास के बावजूद गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 पर सांप्रदायिक रंग नहीं चढ़ पा रहा है। दरअसल यह कांग्रेस के भीतर का भय है। कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकार 2007 के विधानसभा चुनाव को नहीं भूलते।

तब चुनाव प्रचार के लिए गुजरात दौरे गई कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मौत का सौदागर कह दिया था। बताते हैं इस वक्तव्य के बाद तत्कालीन राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे चुनाव का समीकरण पलटने में कामयाबी पा ली थी।
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