गुजरात विधान सभा चुनाव काफी रोचक मोड़ पर पहुंच चुका है। चुनावी माहौल में जोड़-तोड़ की राजनीति तेज हो गई है वहीं कांग्रेस तीन नए नेताओं के बहाने गुजरात की सत्ता पर काबिज होने की जुगत में लगी हुई है।
आगामी विधानसभा चुनाव गुजरात की भाजपा सरकार ही नहीं बल्कि चार बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे पीएम मोदी और वर्तमान पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की नाक का सवाल बन गया है। भाजपा के वोटों को कम करने के लिए कांग्रेस, जन विकल्प और आम आदमी पार्टी ने दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपनी योजना की घोषणा कर दी है।
पिछले दो महीनो में कई रैलियां कर चुके कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल कई रैलियां कर जन-जन अपनी पहुंच बनाने में जुटे हैं। साथ ही उन्होंने जीत के लिए गुजरात के तीन युवा नेताओं पर दांव लगाया है।
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इन तीन नेताओं में पहले हैं ओबीसी और पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहे अल्पेश ठाकोर। जिन्होंने पिछले दिनों ही राहुल गांधी के सामने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन की है। दूसरे हैं पटेल आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल। पिछले दिनों हार्दिक और राहुल की गुपचुप मीटिंग की बातें मीडिया में छाई रही जबकि हार्दिक ने ट्वीट कर लिखा कि अब जब राहुल गुजरात आएंगे तब वे राहुल से मुलाकात करेंगे।
वहीं तीसरे बड़े नेता हैं जिग्नेश मेवानी। जिग्नेश गुजरात के बड़े दलित नेता के रूप में उभरे हैं। उन्होंने एआईसीसी के महासचिव अशोक गहलोत से मुलाकात के बाद ट्वीट किया- गुजरात में भाजपा के शासन को खत्म करने के लिए जल्दी ही आपको एक बड़ी खबर दूंगा।