मध्य गुजरात
मध्य गुजरात की 61 सीटों पर इस बार हुई वोटिंग ने भाजपा की चुनाव जीतने में जबरदस्त मदद की। यहां 55 सीटों पर पार्टी को जीत मिली, जबकि कांग्रेस 5, अन्य 1 सीट और आम आदमी पार्टी यहां खाता तक नहीं खोल पाईं। 2022 की यह स्थिति यह बताने के लिए काफी है कि 2017 के मुकाबले भाजपा की स्थिति क्यों सुधरी और कांग्रेस के हाल और खराब हुए। दरअसल, 2017 में इसी मध्य गुजरात में भाजपा 37 सीटों पर जीत हासिल कर पाई थी। वहीं, कांग्रेस ने भी अच्छी टक्कर देते हुए 22 सीटें हासिल की थीं अन्य के पास दो सीट थीं। हालांकि, इसके बाद भी भाजपा को 2017 में इस क्षेत्र में जीती दो सीटों खंभात और वाघोडिया में हार का सामना करना पड़ा।
सौराष्ट्र-कच्छ
सीटों के लिहाज से सौराष्ट्र कच्छ दूसरे नंबर पर है। यहां से कुल 54 सीटें आती हैं, जो चुनाव का रुख बदलने के लिए काफी हैं। 2017 के चुनाव में भी भाजपा को नुकसान पहुंचाने में इस क्षेत्र की बड़ी भूमिका थी। तब भगवा पार्टी को यहां 23 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस 30 सीट जीतने में सफल रही थी। यानी उसकी 77 सीटों की तालिका में करीब 40 फीसदी सीटें इसी क्षेत्र से आई थीं। उसका यह प्रदर्शन 2012 से भी बेहतर था, जब उसे 16 सीटों पर ही जीत मिली थी और भाजपा 35 सीट हासिल करने में कामयाब हो गई थी।
2022 में भाजपा ने इस क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 54 सीटों में 46 सीटें हासिल कीं। कांग्रेस के खाते में यहां 3 सीटें आईं। इस क्षेत्र में आम आदमी पार्टी की एंट्री कांग्रेस के मुकाबले काफी बेहतर रही। उसे राज्य की अपनी पांच सीटों में चार इसी क्षेत्र में मिलीं। एक सीट अन्य के खाते में आई। हालांकि, 2017 जीती पोरबंदर और गरियाधर सीट पर भाजपा हार गई।
दक्षिण गुजरात
दक्षिण गुजरात पारंपरिक तौर पर भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां के सूरत, भरूच, नवसारी और वलसाड जैसे क्षेत्रों में भाजपा अच्छे अंतर से जीत हासिल करने में कामयाब रहती है। जहां 2017 में उसे इस क्षेत्र की 35 सीटों में 25 पर जीत मिली थी, वहीं कांग्रेस की स्थिति बाकी क्षेत्रों में अच्छी होने के बाद भी यहां सबसे ज्यादा खराब रही थी। उसे दक्षिण गुजरात में 8 विधानसभा सीटों पर सफलता मिली थी। अन्य को यहां दो सीटें हासिल हुईं। 2012 में भी स्थिति लगभग ऐसी ही रही थी (भाजपा - 28, कांग्रेस - 6, अन्य - 1 सीट)।
2022 के चुनाव में भाजपा के इस गढ़ में उसके लिए स्थिति सबसे बेहतर रही है। उसने इस बार क्षेत्र की 94 फीसदी सीटों पर कब्जा किया। पार्टी को यहां 33 सीटें मिलीं। वहीं, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को एक-एक सीट पर संतोष करना पड़ा।
उत्तर गुजरात
2017 में भाजपा की सीटें कम रहने एक वजह उत्तर गुजरात था। इस क्षेत्र में भाजपा को मिले 45.1 प्रतिशत वोट भले ही कांग्रेस के 44.9 प्रतिशत वोटों से ज्यादा थे। लेकिन भाजपा यहां की 32 सीटों में से 14 सीटें ही हासिल कर पाई थी, उधर कांग्रेस ने उसे पीछे करते हुए 17 सीटें हासिल की थीं।
2022 के चुनाव में भाजपा ने उत्तर गुजरात में न सिर्फ कांग्रेस से ज्यादा वोट हासिल किए, बल्कि आम आदमी पार्टी की चुनौती को भी नेस्तनाबूत कर दिया। इस बार भाजपा ने उत्तर गुजरात की 32 सीटों में से 22 पर जीत हासिल की। कांग्रेस को महज 8 सीटों पर जीत मिली दो सीटें अन्य पार्टियों को मिलीं।