सूरत जिले की बराछा रोड विधानसभा सीट पर हमेशा से भाजपा व कांग्रेस में ही टक्कर रही है। यहां से भाजपा ने मौजूदा विधायक राज्य के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता किशोर किशोरभाई कनाणी (कुमारभाई) को उतारा था। इस चुनाव में कनाणी ने आप उम्मीदवार अल्पेश कथीरिया को 16,834 वोटों से हरा दिया।
आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव से पहले ही अल्पेश कथीरिया समेत पार्टी के कुछ बड़े नेताओं की जीत का दावा किया था। हालांकि, अल्पेश अपनी पार्टी के संयोजक के दावे को सही साबित नहीं कर सके। अल्पेश की तरह की पार्टी अध्यक्ष गोपाल इटालिया और मुख्यमंत्री का चेहरा रहे इसुदान गढ़वी भी केजरीवाल के दावा के बाद भी चुनाव हार गए।
2017 में यहां भाजपा को मिली थी जीत
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा ने किशोरभाई कनाणी (कुमारभाई) को टिकट दिया था। उन्होंने कांग्रेस के धीरूभाई गजेरा को 13 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। इस चुनाव में कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2017 से पहले 2012 चुनाव में भी इस सीट पर भाजपा को जीत हासिल हुई थी। उस चुनाव में भाजपा की ओर से मैदान में उतरे किशोर भाई ने कांग्रेस के धीरूभाई गजेरा को शिकस्त दी थी।
पाटीदार बाहुल्य सीट पर AAP ने आरक्षण आंदोलन के नेता को उतारा था
इस सीट पर अभी तक कांग्रेस व भाजपा ही जीतती आई हैं। हालांकि, इस बार यहां आम आदमी पार्टी भी मैदान में थी। इसने पटेल बहुल इस सीट से पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता व हार्दिक पटेल के पूर्व सहयोगी अल्पेश कथीरिया को मैदान में उतारा था। अल्पेश यहां दूसरे नम्बर पर रहे, इस चुनाव में उन्हें 50,372 वोट मिले।
2022 चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक किशोरभाई कनाणी (कुमारभाई) को अपना प्रत्याशी बनाया था। वहीं, कांग्रेस ने प्रफुल्लभाई छगनभाई तोगड़िया को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इस सीट पर एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में सूरत जिले की 14 सीटों पर जीती थी भाजपा
बराछा रोड विधानसभा सीट, सूरत जिले के अंतर्गत आने वाली 16 विधानसभा सीटों में से एक है। 2017 में जिले की 16 में से 14 सीटों पर भाजपा को बम्पर जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस मात्र दो सीट पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी।