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गुजरात चुनाव : कल पहले चरण के लिए मतदान, रिवाबा जडेजा ने ससुर और ननद को लेकर कही यह बात

Wed, 30 Nov 2022 06:18 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

भाजपा उम्मीदवार रिवाबा जडेजा ने कहा, मेरे लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है। यह पहली बार नहीं है, जब एक ही परिवार से अलग-अलग विचारधारा के लोग आ रहे हैं। मेरा मानना है कि लोगों का समर्थन भाजपा के साथ है।
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नैना जडेजा, रिवाबा जडेजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान कल होना है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों और नेताओं के पास चौबीस घंटों से भी कम समय बचा है। यहां जामनगर उत्तर सीट पर रोमांचक स्थिति बनी हुई है। दरअसल, इस सीट पर भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। वहीं, उनकी ननद नैना जडेजा उनके खिलाफ पहले ही मोर्चा खोले हुई हैं। 

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भाजपा उम्मीदवार रिवाबा जडेजा ने इसको लेकर कहा, मेरे लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है। यह पहली बार नहीं है, जब एक ही परिवार से अलग-अलग विचारधारा के लोग आ रहे हैं। मेरा मानना है कि लोगों का समर्थन भाजपा के साथ है। मेरे ससुर और ननद दूसरी पार्टी के सदस्य के रूप में प्रचार कर रहे हैं। इसमें कोई समस्या नहीं है। 

रिवाबा ने कहा कि उनके पति रवींद्र जडेजा ने उनके इस कदम में उनका समर्थन किया और यह केवल विचारधारा में अंतर का मामला है।  रिवाबा ने कहा, यह पहली बार नहीं जब एक पार्टी के दो सदस्य अलग-अलग विचारधाराओं से जुड़े हैं। वह दूसरी पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में प्रचार कर रहे हैं। यह उनका व्यक्तिगत मामला है। मेरा जामनगर के लोगों में भरोसा है। जामनगर ने हमें कई चीजें दी हैं। मेरे पति यहां पैदा हुए हैं, उन्होंने यहीं से अपना करियर शुरू किया। 
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भाजपा नेता रिवाबा के ससुर वीडियो में कांग्रेस उम्मीदवार के लिए वोट मांगते नजर आ रहे हैं। इसको लेकर रिवाबा ने कहा कि उनके ससुर व्यक्तिगत हैसियत से दूसरी पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में ऐसा कर रहे हैं। रिवाबा ने कहा, वीडियो में मेरे ससुर जो अपील कर रहे हैं, वे मेरे ससुर या भाभी के रूप में नहीं कर रहे हैं, बल्कि किसी अन्य पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में कर रहे हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। वे अपनी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और मैं अपनी पार्टी के लिए काम कर रही हूं। हमारे बीच मतभेदों की कोई संभावना नहीं है, केवल विचारधारा का अंतर है। 

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक गुजरात में 2017 के विधानसभा चुनावों में पहले चरण के इन्हीं जिलों की 89 सीटों पर 977  प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। जबकि इस बार 19 जिलों की इतनी ही सीटों पर महज 788 प्रत्याशी ही चुनावी मैदान में हैं। 2017 के विधानसभा चुनावों में गुजरात में 65 राजनीतिक दलों ने चुनावी मैदान में अपने प्रत्याशी उतारे थे। गुजरात में इस बार हो रहे विधानसभा चुनावों में 200 प्रत्याशियों की कम संख्या होने के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

जिन जिलों में मतदान होना है, उनमें कच्छ, सुरेंद्रनगर, मोरबी, राजकोट, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, बोटाद, नर्मदा, भरूच, सूरत, तापी, डांग्स, नवसारी, और वलसाड जिले शामिल हैं। 
 
अगर क्षेत्रवार देखा जाए तो सौराष्ट्र की 48, कच्छ की 6 और दक्षिण गुजरात की 35 सीटों पर पहले चरण में वोट पड़ेंगे। इसके लिए 788 प्रत्याशी मैदान में हैं। यूं तो राजनीतिक दलों के लिए हर एक सीट जरूरी है, लेकिन हम आपको उन 10 सीटों के बारे में बताएंगे जिनकी चर्चा सबसे ज्यादा है। इनकी गिनती गुजरात की हॉट सीटों में होती है। इनसे सूबे की सियासी हवा का रूख साफ होता है।

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