गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
गुजरात चुनाव में दाहोद जिले की लिमखेड़ा विधानसभा सीट राज्य की आरक्षित सीटों में से एक है। ये सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक शैलेषभाई सुमनभाई भाभोर को मैदान में उतारा था। भाभोर ने आप के नरेशभाई पुनाभाई बारिया को 3,663 वोटों से हरा दिया।
राज्य की सत्ताधारी पार्टी भाजपा एवं मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के लिए खास रही है। 1962 में इस सीट पर पहली बार में चुनाव हुए थे। यहां अब तक हुए 14 चुनाव में से चार बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है जबकि पांच बार भाजपा को जीत मिली है। इसके अलावा यहां पांच बार अन्य ने भी चुनाव जीते हैं।
2017 में यहां भाजपा को जीत मिली
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार शैलेषभाई सुमनभाई भाभोर ने कांग्रेस के महेशभाई तड़वी को 19 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव में कुल पांच उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी तीन उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई थी।
2017 से पहले 2012 चुनाव में इस सीट को भाजपा ने ही जीता था। भाजपा की ओर से मैदान में उतरे जशवंत सिंह भाभोर ने कांग्रेस उम्मीदवार पूनाभाई बारिया को शिकस्त दी थी।
भाजपा से मौजूदा विधायक को मिला था टिकट
2022 चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक शैलेषभाई सुमनभाई भाभोर को मैदान में उतारा था। वहीं, कांग्रेस ने रमेश कुमार गोंदिया को यहां से अपना प्रत्याशी बनाया था। आम आदमी पार्टी की ओर से नरेशभाई पुनाभाई बारिया मैदान में थे। इस सीट पर पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में दाहोद जिले की चार सीट पर जीती थी भाजपा
लिमखेड़ा सीट, दाहोद जिले के अंतर्गत आने वाली सात सीटों में से एक है। 2017 में जिले की सात में से चार सीट पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, तीन सीट पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी।