2022 गुजरात चुनाव में महेसाणा जिले की कादी विधानसभा सीट राज्य की अहम सीटों में से एक है। ये सीट राज्य की सत्ताधारी दल भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस चुनाव के लिए भाजपा ने मौजूदा विधायक करसनभाई पुंजाभाई सोलंकी को मैदान में उतारा था। सोलंकी ने कांग्रेस के प्रवीणभाई परमार को 28,194 वोटों के बड़े अंतर से हराया।
इस सीट के सियासी महत्व पर नजर डालें तो भाजपा के दिग्गज नेता व राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल यहां से चुनाव लड़ते रहे हैं। 1995 से लेकर 2007 के बीच पटेल ने इस सीट पर चार चुनाव जीते हैं। अब तक हुए 14 चुनाव में से भाजपा को छह और कांग्रेस को छह चुनाव में जीत हासिल हुई है।
2017 में यहां भाजपा को जीत मिली
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार करसनभाई पुंजाभाई सोलंकी ने कांग्रेस के रमेशभाई चावड़ा को महज 7,746 वोटों से हराया था। इस चुनाव में आठ उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2017 से पहले 2012 चुनाव में इस सीट को कांग्रेस ने जीता था। कांग्रेस की ओर से मैदान में उतरे रमेशभाई चावड़ा ने भाजपा उम्मीदवार हीतू कनोडिया को शिकस्त दी थी।
भाजपा ने मौजूदा विधायक को टिकट दिया
2022 चुनाव के लिए इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक करसनभाई पुंजाभाई सोलंकी को टिकट दिया था। वहीं, कांग्रेस ने प्रवीणभाई गणपतभाई परमार को यहां से अपना प्रत्याशी बनाया था। आम आदमी पार्टी की ओर से हरगोवन करसनदास डाभी मैदान में थे। इस सीट पर पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में मेहसाणा जिले की 5 सीटों पर जीती थी भाजपा
कडी सीट, मेहसाणा जिले के अंतर्गत आने वाली सात सीटों में से एक है। 2017 में जिले की सात में से पांच सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, दो सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
इस बार क्या रहे गुजरात के नतीजे?
इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।