गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। चार सीटें अन्य के झोली में गिरी।
गुजरात के कच्छ जिले की भुज सीट पर भाजपा ने अपने मौजूदा विधायक व गुजरात विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष डॉक्टर निमाबेन आचार्य का टिकट काट दिया था। आचार्य की जगह भाजपा ने केशवलाल शिवदासभाई पटेल (केशुभाई) को अपना उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में केशुभाई पटेल ने कांग्रेस के अरजणभाई भुडिया को 59,814 वोटों से हरा दिया।
2017 में भाजपा ने लगाई थी जीत की हैट्रिक
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने डॉ निमाबेन आचार्य को मैदान में उतारा था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार आदम भाई चाकी को 14 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। इस सीट पर भाजपा की लगातार तीसरी जीत थी। इस चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस व भाजपा उम्मीदवारों के अलावा बाकी 11 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। निमाबेन 2012 में भी इस सीट से जीतीं थीं। तब उन्होंने कांग्रेस के अमिराली लोढ़िया को नौ हजार वोटों से हराया था।
1990 के बाद केवल 2002 में ही कांग्रेस जीती
2002 के विधानसभा चुनाव को छोड़ दें तो भुज सीट 1990 से भाजपा का मजबूत किला रही है। 2002 में कांग्रेस उम्मीदवार शिवजी भाई अहीर ने भाजपा के पुष्पदान गढ़वी को मात्र 2,580 वोटों से हराया था। 2002 से पहले हुए चुनावों में भी भाजपा ने लगातार तीन बार जीत हासिल की थी। भाजपा को यहां पहली बार 1990 में जीत हासिल हुई थी।
2017 में कच्छ जिले में भाजपा ने जीती थी चार सीटें
भुज सीट, कच्छ जिले के अंतर्गत आने वाली छह सीटों में से एक है। 2017 में जिले की छह में से चार सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस दो सीट पर भी जीत दर्ज करने में सफल रही थी।