याचिकाकर्ता ने दावा किया कि कुछ लोगों ने बलिसाना में बीते साल 16 जुलाई 2023 को हुए सांप्रदायिक दंगे की घटना का गलत इस्तेमाल किया और स्थानीय लोगों को धर्म विशेष के खिलाफ भड़काया और उनसे कोई सामान न खरीदने के साथ ही किराए पर दी दुकानों को खाली कराने के लिए उकसाया।
गुजरात की एक अदालत ने लोगों के एक समूह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोप है कि इन लोगों ने बीते साल सांप्रदायिक हिंसा के बाद धर्म विशेष के लोगों के आर्थिक बहिष्कार की अपील की थी। इसके खिलाफ एक व्यक्ति ने अदालत का रुख किया और आर्थिक बहिष्कार की अपील करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी।
विज्ञापन
याचिका पर अदालत ने दिया आदेश
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एचपी जोशी ने पाटन जिले के बलिसाना पुलिस स्टेशन को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही मामले की जांच एक तय समय सीमा में पूरी करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता मकबूल हुसैन शेख ने दावा किया कि कुछ लोगों ने बलिसाना में बीते साल 16 जुलाई 2023 को हुए सांप्रदायिक दंगे की घटना का गलत इस्तेमाल किया और स्थानीय लोगों को धर्म विशेष के खिलाफ भड़काया और उनसे कोई सामान न खरीदने के साथ ही किराए पर दी दुकानों को खाली कराने के लिए उकसाया।
याचिकाकर्ता ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का लगाया आरोप
याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस वजह से उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ और उनके समुदाय के कई लोगों को इस वजह से इलाका छोड़कर पलायन करना पड़ा। अदालत ने आरोपियों के खिलाफ दो समुदायों में दुश्मनी फैलाने और अफवाह फैलाकर तनाव बढ़ाने के आरोप में मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने अदालत को ये भी बताया कि उसने जिला एसपी को भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए आपत्तिजनक वीडियो साझा किए थे, जिनमें धर्म विशेष के लोगों के आर्थिक बहिष्कार के लिए उकसाया गया था। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उसने अदालत का रुख किया।