गुजरात के अहमदाबाद की एक अदालत ने सोमवार को 20 वर्षीय तथ्या पटेल (Tathya Patel) के पिता की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। तथ्या पटेल ने कथित तौर पर 20 जुलाई को यहां एक फ्लाईओवर पर भीड़ में अपनी एसयूवी (SUV) चढ़ा दी थी। इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी और कम से कम 13 अन्य घायल हो गए थे।
तथ्या के पिता प्रग्नेश पटेल (Pragnesh Patel) को दुर्घटना स्थल पर इकट्ठा हुए लोगों को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। प्रग्नेश ने मुंह के कैंसर के इलाज के लिए चिकित्सा आधार पर जमानत मांगी थी। विशेष लोक अभियोजक प्रवीण त्रिवेदी ने कहा कि मुख्य जिला न्यायाधीश डीएम व्यास की अदालत ने पटेल की अस्थायी जमानत याचिका खारिज कर दी और अधिकारियों को उन्हें इलाज के लिए यहां गुजरात कैंसर अनुसंधान संस्थान ले जाने और 10 दिनों के भीतर एक मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
पिछले हफ्ते एक अदालत ने प्रग्नेश की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। तथ्या ने भी नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की है। प्रग्नेश पटेल के वकील निसार वैद्य ने कहा कि उनके मुवक्किल को मुंह का कैंसर है और 2019 से उनका इलाज चल रहा है। वकील ने कहा, उन्होंने अंतरिम जमानत याचिका दायर की थी, उन्हें इलाज के लिए मुंबई के एक अस्पताल में जाने की जरूरत है।
कॉलेज छात्र तथ्या को धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और भारतीय दंड संहिता और मोटर वाहन अधिनियम के अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था, जब उसकी तेज रफ्तार जगुआर कार 20 जुलाई की सुबह इस्कॉन पुल पर जमा भीड़ में घुस गई थी। इस हादसे में एक कांस्टेबल सहित नौ लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बारे में जानकर मौके पर पहुंचे उनके पिता को भी फ्लाईओवर पर लोगों को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस ने 27 जुलाई को तथ्या के खिलाफ 1,700 पेज का आरोपपत्र दायर किया था, जिसमें अन्य बातों के अलावा लक्जरी कार निर्माता जगुआर द्वारा भेजी गई एक रिपोर्ट भी शामिल थी, जिसमें सुझाव दिया गया था कि जब कार भीड़ में घुसी तो उसकी गति तेज थी।