सत्रह टीमों ने 17 कार्यालयों पर की छापेमारी
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी अपराध) राजकुमार पांडियन ने बताया कि राज्य सीआईडी के कर्मियों द्वारा एक महीने की निगरानी के बाद छापे मारे गए। उन्होंने कहा, 'वीजा एजेंटों के 17 कार्यालयों पर संयुक्त छापेमारी की गई। हमने 27 पासपोर्ट, पासपोर्ट की 182 प्रतियां, 53 कंप्यूटर और हार्ड ड्राइव, 79 मार्कशीट और अन्य दस्तावेज जब्त किए। शुक्रवार को 17 टीमों ने 50 से अधिक पुलिसकर्मियों और कंप्यूटर विशेषज्ञों, एक एसपी और चार डिप्टी एसपी ने मिलकर छापेमारी की।'
पासपोर्ट, कंप्यूटर और हार्ड ड्राइव जब्त
उन्होंने कहा कि कई वीजा परामर्श कंपनियां इस शिकायत के बाद जांच के दायरे में हैं कि विदेश, विशेष रूप से अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जाने वाले लोगों को वीजा हासिल करने में मदद के लिए इन कंसल्टेंसी फर्मों को भारी राशि का भुगतान करने के बावजूद विदेशों में हवाई अड्डों से भारत लौटने के लिए मजबूर किया गया। पांडियन ने कहा कि छापेमारी के दौरान अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों की मार्कशीट, पासपोर्ट और पासपोर्ट की प्रतियां, स्टांप, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और 5.5 लाख रुपये नकद सहित अन्य चीजें जब्त की गईं।
फोरेंसिक लैब में भेजे गए दस्तावेज और सामग्री
उन्होंने कहा, जिन फर्मों पर छापे मारे गए, उनमें से दो पर शराब की बोतलें भी मिलीं। गुजरात में सख्त शराबबंदी नीति है। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों और वस्तुओं को उनकी प्रामाणिकता की जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। पांडियन ने कहा, 'इन फर्मों ने मुख्य रूप से अन्य राज्यों में स्थित विश्वविद्यालयों की नकली मार्कशीट का इस्तेमाल किया और आईईएलटीएस और अन्य ऐसे परीक्षणों के स्कोर को भी संशोधित किया, जो कुछ देशों के वीजा के लिए आवश्यक हैं।'