गुजरात के सूरत में कपड़ा बाजार में लगी भीषण आग कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि महज 10,000 रुपये के बकाया वेतन को लेकर लिया गया 24 करोड़ रुपये का सुनियोजित बदला थी। सूरत क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच के बाद आरोपी पूर्व अकाउंटेंट विनोद पंडित सावले को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने मात्र 150 रुपये के पेट्रोल और दो माचिस की तीलियों से पूरी इमारत को आग की लपटों में झोंक दिया था।
कपड़ों के पार्सलों पर बोतल से पेट्रोल छिड़का और...
यह घटना 8-9 सितंबर की रात सारोली क्षेत्र के श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में हुई थी। शुरुआत में इसे शॉर्ट सर्किट या हादसा माना गया, लेकिन सूरत पुलिस के विश्वास प्रोजेक्ट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर सच्चाई सामने आई। फुटेज में एक व्यक्ति मुंह पर सफेद कपड़ा बांधे और कंधे पर बैग लटकाए दिखाई दिया। उसने छठी मंजिल पर दुकान नंबर 639 के बाहर रखे कपड़ों के पार्सलों पर बोतल से पेट्रोल छिड़का और माचिस से आग लगा दी। पहली कोशिश नाकाम होने के बाद दूसरी तीली से आग भड़की, जो देखते ही देखते कम से कम 14 दुकानों में फैल गई और लगभग 24 करोड़ रुपये का कपड़ा जलकर राख हो गया।
मालिक को सबक सिखाने के लिए लगाई आग
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) करणराज वाघेला के अनुसार, सावले ने अप्रैल 2026 से उक्त दुकान में अकाउंटेंट के रूप में काम शुरू किया था, लेकिन काम ठीक से न संभाल पाने के कारण जून में उसे हटा दिया गया था। उसे लगता था कि मालिक पर उसके 10,000 रुपये बकाया हैं। इसी रंजिश में मालिक को सबक सिखाने के लिए वह 8 सितंबर की रात 9 बजे मार्केट में घुसा, पांचवीं मंजिल पर सीढ़ियों के पास छिपा रहा और देर रात 12:30 बजे सन्नाटा होने पर आग लगा दी।
वारदात के बाद अयोध्या भागा
वाघेला ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी फोन बंद कर परिवार सहित खाटू श्याम और अयोध्या भाग गया था। सूरत लौटते ही डिंडोली इलाके से उसे धर दबोचा गया। पुलिस अब खुला पेट्रोल बेचने वाले पंप की भूमिका और साजिश में किसी अन्य के शामिल होने की जांच कर रही है।