कोरोना काल के बीच केरल के सबरीमाला मंदिर को 16 अक्तूबर की शाम को मासिक पांच दिवसीय पूजा के लिए खोला जाएगा। मंदिर के संचालक त्रावणकोर देवसोम बोर्ड ने इसकी जानकारी दी। वहीं मंदिर में प्रवेश के लिए कुछ कड़े कानून बनाए गए हैं। इसके अंतर्गत एक समय में केवल 250 व्यक्तियों को ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी।
मंदिर के लिए चढ़ाई सिर्फ स्वामी अयप्पा रोड से ही होगी। अन्नदानम के लिए पेपर प्लेट्स की व्यवस्था रहेगी। पानी के लिए 100 रुपये में स्टील बोलतें उपलब्ध रहेंगी। बोतल वापस करने पर लोगों को 100 रुपये वापस कर दिए जाएंगे।
नहाने पर रोक
पंपा में भक्तों को नहाने पर रोक होगी। इसके साथ ही 16 नवंबर से शुरू होने वाले मंडलम मकरविलक्कू के दौरान भी लोगों के यहां नहाने पर पाबंदी होगी। केरल वॉटर अथॉरिटी और सिंचाई विभाग की तरफ से लोगों के नहाने के लिए शावर्स लगाएगा।
कोरोना की रिपोर्ट होगी जरूरी
राज्य पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहरा ने कहा कि कर्मचारियों, अधिकारियों और श्रद्धालुओं को कोरोना के मद्देनजर प्रबंधन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। श्रद्धालुओं की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिए तब ही प्रवेश मिलेगा। यह रिपोर्ट पंपा पहुंचने के 48 घंटे के भीतर की होनी चाहिए।