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हैंड सैनिटाइजर का ज्यादा इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

Sat, 10 Oct 2020 11:09 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हैंड सैनिटाइजर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
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भारत में कोरोना वायरस के मामले हर दिन बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल भी बढ़ता जा रहा है। अनलॉक-5.0 के तहत देश में लगभग हर तरह की सुविधाएं शुरू हो गई है। ऐसे में देखा जा रहा है कि लोग कहीं भी आने-जाने के दौरान हैंड सैनिटाइजर का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इसे लेकर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है।

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एम्स और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है। एक अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि हैंड सैनिटाइजर का जरूरत से ज्यादा उपयोग नुकसानदायक  हो सकता है। उन्होंने कहा कि हैंड सैनिटाइजर का अधिक उपयोग उन बैक्टीरिया को मार सकता है जो हमारी हथेलियों को स्वस्थ रखता है। उन्होंने सुझाव दिया है कि जब घर पर हों, तो हैंड सैनिटाइजर का उपयोग न करें और हाथ साबुन से धोएं।


कोविड-19 के दौरान एंटीबायोटिक दवाओं के अधिक उपयोग से अधिक रोगाणुरोधी प्रतिरोध क्षमता पैदा हो सकती है, एम्स के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, हैंड सैनिटाइजर और रोगाणुरोधी साबुन का व्यापक उपयोग स्थिति को और बढ़ा सकता है।
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रोगाणुरोधी प्रतिरोध एक रोगाणुरोधी माइक्रोब की क्षमता है जो एक रोगाणुरोधी दवा के प्रभावों के लिए एक प्रतिरोध विकसित करता है। यह अनुमान लगाया गया है कि 2050 तक लगभग एक करोड़ मानव जीवन हर साल जोखिम में हो सकता है अगर दवा प्रतिरोध का सही से प्रबंधन नहीं किया जाता है।

अमेरिकन सोसायटी ऑफ माइक्रोबायोलॉजी और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के संयुक्त दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिवार में रोगाणुरोधी प्रतिरोध के अन्य पहलुओं पर भी चर्चा की गई। यह वेबीनार दिल्ली एम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के हेड डॉ. रामा चौधरी द्वारा आयोजित किया गया।

हैंड सैनिटाइजर क्यों है खतरनाक

  • हैंड सैनिटाइजर में विषैले तत्व और बेंजाल्कोनियम क्लोराइड होता है, जो कीटाणुओं और बैक्टीरिया को हाथों से बाहर निकाल देता है, लेकिन यह हमारी त्वचा को नुकसान भी पहुंचाता है। इससे त्वचा में जलन और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • हैंड सैनिटाइजर में ट्राइक्लोसान नाम का एक केमिकल होता है, जिसके उपयोग के दौरान हाथ की स्किन सोख लेती है। इसे जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से यह केमिकल आपकी त्वचा के जरिए खून में मिल जाता हैं। खून में मिलने के बाद यह आपकी मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • सैनिटाइजर को खुशबूदार बनाने के लिए इसमें फैथलेट्स नामक रसायन का इस्तेमाल किया जाता है। जिन सैनिटाइजर में इसकी मात्रा ज्यादा होती है, वे हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं। इस तरह के खुशबूदार सैनिटाइजर लीवर, किडनी, फेफड़े और प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं।
  • अगर आप दिनभर इसका इस्तेमाल करेंगे तो आपकी त्वचा रूखी होने लगेगी।
  • कई रिसर्च के अनुसार इसका ज्यादा उपयोग बच्चों की इम्युनिटी को भी कम करता है।
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