फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Republic Day 2026: इस बार 'एट होम' समारोह के मेहमानों का निमंत्रण पत्र बेहद खास, मिलेगा खूबसूरत तोहफा

Tue, 13 Jan 2026 11:21 AM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Republic Day 2026: इस बार 'एट होम' समारोह के मेहमानों का निमंत्रण पत्र बेहद खास है, जो आंमत्रण के साथ-साथ मेहमानों ने घर-ऑफिस या किसी खास जगह की शोभा भी बढ़ाएगा। क्योंकि निमंत्रण पत्र अष्टलक्ष्मी राज्यों के कुशल कारीगरों और शिल्पकारों को समर्पित है।
विज्ञापन
राष्ट्रपति भवन ने मेहमानों को खास निमंत्रण भेजा - फोटो : ANI Photos/rb.nic.in
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए तैयार है। हर साल की तरह इस बार भी 26 जनवरी को नई दिल्ली में भव्य परेड से लेकर खास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें राष्ट्रपति भवन में होने का वाला 'एट होम' कार्यक्रम भी शामिल है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में 'एट होम' कार्यक्रम की मेजबानी करेंगी, जिसके लिए राष्ट्रपति भवन ने मेहमानों को एक खास निमंत्रण पत्र भेजा है।
विज्ञापन


अष्टलक्ष्मी राज्यों की कला पर आधारित निमंत्रण पत्र
गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर 'एट होम' स्वागत समारोह के लिए राष्ट्रपति भवन की ओर से मेहमानों का भेजा गया खास निमंत्रण पत्र अष्टलक्ष्मी राज्यों के कुशल कारीगरों और शिल्पकारों को समर्पित है। दरअसल, अष्टलक्ष्मी राज्य पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्य हैं, जो अपने समृद्ध और विविध कला-शिल्प के लिए जाने जाते हैं, जो अपनी सदियों पुरानी तकनीकों और स्थानीय सामग्रियों का इस्तेमाल करके तैयार किए जाते हैं। 

कुछ इसलिए खास तौर पर किया डिजाइन
राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट के अनुसार यह निमंत्रण पत्र भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र के प्रत्येक राज्य में दैनिक जीवन को आकार देने वाली विशिष्ट परंपराओं, लोगों की अनूठी हस्तशिल्प तकनीकों में निपुणता और उनके घरों को सहारा देने वाले प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों को प्रतिबिंबित करने वाले तत्वों के संगम के रूप में तैयार किया गया है। इसे गणतंत्र दिवस 2026 के समारोहों में भागीदारी के बाद भी लंबे समय तक दीवारों की शोभा बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है, जो भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र की जीवंत विरासत और कलात्मक परंपराओं का एक सुंदर चित्रण है।
विज्ञापन


निमंत्रण पत्र का कवर और बॉक्स
भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और परंपरा में बांस का विशेष महत्व है। बुनाई, निर्माण कार्य और पारंपरिक शिल्पकला के माध्यम से यह आजीविका प्रदान करता है। इसकी तीव्र वृद्धि और बहुमुखी प्रतिभा इसे पर्यावरण के अनुकूल विकास के लिए भी महत्वपूर्ण बनाती है। निमंत्रण पत्र के डिब्बे में बुनी हुई बांस की चटाई का इस्तेमाल किया गया है, जिसे रंगे हुए सूती धागों से ताने और बारीक बांस की पट्टियों से बाने में बुना गया है: यह तकनीक त्रिपुरा राज्य में आम तौर पर इस्तेमाल की जाती है। बाहरी आवरण पर मेहमान का पता लिखने के लिए हस्तनिर्मित कागज का टैग लगा है, जिसके साथ बांस की एक कलाकृति भी है, जिसे विशेष रूप से धुएं से उपचारित बांस की पट्टी से बनाया गया है, जिससे इसे गहरा भूरा रंग मिलता है।

ये भी पढ़ें: Pramod Jadhav Family Tragedy: अपनी नन्ही परी को छोड़ गया सैनिक पिता, हादसा इतना खौफनाक कि कांप जाएगा कलेजा
विज्ञापन


दीवार पर टांगने के लिए स्क्रॉल
अष्टकोणीय बांस की बुनाई से निर्मित यह बांस की चटाई खुलती है और भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र के प्रत्येक राज्य की हस्तनिर्मित कृतियों का कलात्मक रूप से प्रदर्शित संग्रह सामने आता है। चटाई की संरचना और तीन रंगों के धागे कमर पर बुने जाने वाले करघे के आकार को दर्शाते हैं, जो इस क्षेत्र की महिलाओं द्वारा विशेष रूप से विशिष्ट वस्त्र बनाने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक पोर्टेबल बुनाई उपकरण है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें