वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू करने के लिए संसद में बुलाई गई विशेष बैठक के बहिष्कार को लेकर कांग्रेस उधेड़बुन में है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस संबंध में बुधवार रात कुछ वरिष्ठ नेताओं को मंत्रणा के लिए बुलाया है जिसके बाद ही अंतिम फैसला होगा। कांग्रेस 30 जून को आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति की मौजूदगी में प्रधानमंत्री के जीएसटी को लागू करने को उचित नहीं मानती। उसे इस पर आपत्ति है।
जीएसटी को लेकर कांग्रेस एक बार फिर विपक्षी दलों से रायशुमारी कर लेना चाहती है। हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी नेता ममता बनर्जी के विशेष बैठक के बहिष्कार की घोषणा के बाद कांग्रेस पर विरोध करने का दबाव बढ़ गया है। बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर जल्दबाजी नहीं दिखा रही है।
कांग्रेस जीएसटी लागू होने के पहले उठ रही व्यापारियों की आवाज को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहती। साथ ही बहिष्कार कर जीएसटी का पूरा क्रेडिट वर्तमान सरकार को भी नहीं देना चाहती है। सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है लेकिन उन्होंने भी अभी कुछ तय नहीं किया है।