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GST: ममता के बहिष्कार के फैसले के बाद अब कांग्रेस पर बढ़ा दबाव

Thu, 29 Jun 2017 06:06 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू करने के लिए संसद में बुलाई गई विशेष बैठक के बहिष्कार को लेकर कांग्रेस उधेड़बुन में है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस संबंध में बुधवार रात कुछ वरिष्ठ नेताओं को मंत्रणा के लिए बुलाया है जिसके बाद ही अंतिम फैसला होगा। कांग्रेस 30 जून को आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति की मौजूदगी में प्रधानमंत्री के जीएसटी को लागू करने को उचित नहीं मानती। उसे इस पर आपत्ति है।
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जीएसटी को लेकर कांग्रेस एक बार फिर विपक्षी दलों से रायशुमारी कर लेना चाहती है। हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी नेता ममता बनर्जी के विशेष बैठक के बहिष्कार की घोषणा के बाद कांग्रेस पर विरोध करने का दबाव बढ़ गया है। बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर जल्दबाजी नहीं दिखा रही है। 

कांग्रेस जीएसटी लागू होने के पहले उठ रही व्यापारियों की आवाज को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहती। साथ ही बहिष्कार कर जीएसटी का पूरा क्रेडिट वर्तमान सरकार को भी नहीं देना चाहती है। सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है लेकिन उन्होंने भी अभी कुछ तय नहीं किया है।
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कांग्रेस ने जीएसटी को लेकर सरकार की ओर से जारी आमंत्रण पत्र पर आपत्ति

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
कांग्रेस ने जीएसटी को लेकर सरकार की ओर से जारी आमंत्रण पत्र पर आपत्ति दर्ज की है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना है कि राष्ट्रपति की मौजूदगी में प्रधानमंत्री का जीएसटी को लागू करना कतई सही नहीं है। सरकार परंपराओं का निर्वाह भले ही न करे लेकिन हम अनुरोध करते हैं कि वरिष्ठता का ख्याल रखा जाए।

उधर, वाम दलों ने सरकार से पूछा है कि जीएसटी को लागू करने के लिए सरकार ने क्या-क्या तैयारियां की हैं। लेफ्ट के एक नेता ने कहा, सभी पक्ष आंदोलन कर रहे हैं। जब लोग परेशान हों आप इसे एक मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं बना सकते। 

सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने पहले कहा था कि उनकी पार्टी इस विशेष बैठक का बहिष्कार नहीं करेगी। हालांकि उसने सांसदों के लिए कोई व्हिप जारी नहीं की है। इस सप्ताह की शुरुआत में येचुरी ने कहा था कि भाजपा सरकार जीएसटी बिल लाने की इतनी जल्दी में क्यों है। जब भाजपा विपक्ष में थी तो उसने इसका विरोध किया था। 

इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के भी मौजूद रहने की संभावना है। जब वह यूपीए शासन के दौरान वित्तमंत्री थे तो उन्होंने ही इसकी पहल की थी। 
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