पूर्व वित्त मंत्री व कांग्रेस मंत्री पी चिदंबरम ने जीएसटी में गंभीर कमियां बताई हैं। चिदंबरम ने कहा कि जीएसटी में गंभीर जन्म दोष हैं जो पिछले पांच वर्षों में बदतर हो गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि जीएसटी कानूनों और उनके कार्यान्वयन के तरीके ने अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है और पार्टी जीएसटी 2.0 के जरिए इसे बदलने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी सरकार का पहला तुगलकी फरमान था, जबकि जीएसटी दूसरा जिसने अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया।
चिदंबरम ने कहा- जीएसटी में गंभीर जन्म दोष
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जीएसटी शुक्रवार को अपना पांचवां जन्मदिन मना रहा है लेकिन वास्तव में जश्न मनाने के लिए कुछ भी नहीं है। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी में गंभीर जन्म दोष है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह स्पष्ट करना चाहती है कि आज जो तथाकथित जीएसटी लागू है, वह यूपीए सरकार द्वारा परिकल्पित जीएसटी नहीं था। आज हमारे पास जीएसटी में कई दरों, शर्तों, अपवादों और छूटों का एक जटिल जाल है जो करदाता को भी पूरी तरह से हैरान कर देगा। सभी पंजीकृत डीलर सूचित करदाता नहीं हैं, नतीजतन वे टैक्स कलेक्टर की दया पर जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक कमियों से भरे जीएसटी ने एमएसएमई का बड़े पैमाने पर विनाश किया है, एक ऐसा क्षेत्र जो विनिर्माण क्षेत्र में 90 प्रतिशत नौकरियों का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए जीएसटी का सबसे बुरा परिणाम केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास का पूर्ण रूप से टूटना रहा है। चिदंबरम ने कहा कि जहां तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है, हम मौजूदा जीएसटी को खारिज करते हैं और 2019 के चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे के मुताबिक, हम मौजूदा जीएसटी को जीएसटी 2.0 से बदलने की दिशा में काम करेंगे, जो सिंगल लो-रेट होगा।