फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुंबई: करोड़पति हॉकर की संपत्तियां जब्त कर लगाया मकोका, रेलवे स्टेशनों पर चलाता था फिरौती रैकेट

Sun, 15 Aug 2021 11:11 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई में जीआरपी ने फिरौती का रैकेट चलाने वाले एक करोड़पति हॉकर के खिलाफ मकोका के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही आरोपी की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Police
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक करोड़पति हॉकर की संपत्तियां जब्त करते हुए खिलाफ मकोका की कार्रवाई की है। यह हॉकर फिरौती के मामले में आरोपी है। जीआरपी ने यह कार्रवाई हॉकर, उसकी पत्नी और छह अन्य सहयोगियों के खिलाफ की है। जीआरपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। 

विज्ञापन


इस करोड़पति हॉकर का नाम संतोष कुमार सिंह उर्फ बबलू ठाकुर है। दादर जीआरपी के वरिष्ठ इंस्पेक्टर द्न्यनेश्वर काटकर ने बताया कि ठाकुर पर कथित तौर पर रेलवे स्टेशनों पर हॉकरों से फिरौती वसूलने में संलिप्त रहने का आरोप है है। पैसे न देने पर वह उनके साथ मारपीट करता था और धारदार हथियारों से हमला करता था। काटकर ने कहा कि अन्य प्रावधानों के साथ अब बबलू ठाकुर के खिलाफ मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारी के अनुसार बबलू ठाकुर करोड़ों की संपत्ति का स्वामी है। उसके पास दो महंगी कारें व एक मोटरलाइकिल, मुंबई में 10 आवास, उत्तर प्रदेश में दो प्लॉट, पांच खेत, डेढ़ किलो सोना, करीब 10 लाख रुपये की कुछ बीमा पॉलिसी और लगभग 30 बैंक खातों में जमा नकदी है। उन्होंने बताया कि बबलू ठाकुर मुंबई में दादर, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएमएमटी), बाइकुला और कुर्ला रेलवे स्टेशनों पर फिरौती का रैकेट चला रहा था और वसूली को अंजाम दे रहा था।
विज्ञापन


इसके अलावा ठाणे सिटी और कल्याण टाउन रेलवे स्टेशन पर भी वह फिरौती रैकेट चलाता था। काटकर ने बताया कि बबलू ठाकुर और उसकी पत्नी रीता सिंह के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। इनमें से कई मामले अभी भी अदालत में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि हम ठाकुर, उसकी पत्नी और छह अन्य सहयोगियों के खिलाफ मकोका के तहत मामला दर्ज कर रहे हैं। इनके खिलाफ पूर्व में आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा 387 (फिरौती) और 392 (लूट) के तहत मामला दर्ज था।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें