प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ से पहले 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में घोषित करने का एलान किया था। बता दें कि 14 अगस्त भारत से टूटकर बनने वाले पाकिस्तान की आजादी का दिन है। इसे लेकर अमर उजाला डॉट कॉम के पोल में सवाल पूछा गया था कि क्या केंद्र सरकार का यह फैसला राजनीति से प्रेरित है? जानिए इस सवाल पर क्या है जनता की राय।
पोल का परिणाम बताता है कि 58.77 फीसदी लोग मानते हैं कि केंद्र सरकार का यह निर्णय राजनीति से प्रेरित है। वहीं, 41.23 फीसदी लोगों ने इस बात से सहमति नहीं जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका एलान करते हुए कहा था कि देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा था और अपनी जान तक गंवानी पड़ी थी।