एक छोटे से घर में इरशाद अपने बड़े भाई औरंगजेब के साथ मोहल्ला काजीजादा में रहता है। एंट्री करते ही औरंगजेब का एक कमरे का घर नजर आता है, जबकि उसी के ऊपर इरशाद अपनी पत्नी के साथ रहता है। इरशाद ऑटो रिक्शा चलाता था जबकि औरंगजेब ई रिक्शा चालक है। एनआईए ने इरशाद पर सुहैल की मदद करने का आरोप लगाया है।
इरशाद की पत्नी शबनम ने अमर उजाला को बताया-
हम लोग सो रहे थे। सुबह के करीब पांच बजे थे और दरवाजा खटखटाने की तेज आवाज आ रही थी। मेरी जेठानी दरवाजा खोलने जा रही थी तब तक पुलिस वाले दरवाजा तोड़कर घर में आ घुसे। हम यह सब देखकर हैरान थे। काफी देर तक तो कुछ समझ ही नहीं आया। मेरे पति को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही थी। उन्होंने पूरे कपड़े भी नहीं पहने थे। उन्हें ठंड लग रही थी। बहुत कोशिश के बाद पुलिस ने उन्हें कपड़े पहनने की इजाजत दी।
शबनम का कहना है, मेरे पति ऑटो रिक्शा चलते हैं। वह बेगुनाह हैं। वह ऐसा कर ही नहीं सकते। हमने ऑटो रिक्शा भी लोन पर लिया है। ऑटो की कमाई से हम किस्त अदा करते हैं जबकि मैं बीड़ी बनाती हूं जिससे हमारा घर चलता है। मुझे अभी तक कुछ समझ नहीं आ रहा है। हमारे घर पर टीवी तक नहीं है। आने जाने वाले लोगों से ही जानकारी मिल रही है।
उन्होंने बताया, मेरे पति इरशाद को करीब दो साल पहले भी गिरफ्तार किया गया था। तब वह गोकशी के आरोप में दो महीने जेल में बंद रहे थे। पुलिस ने घर में काफी तलाशी ली लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। इसके बाद पुलिस हमारे घर के मोबाइल ले गई। पुलिस वाले सब्जी काटने वाला चाकू भी ले गए।
वहीं भाई औरंगजेब ने कहा कि अगर इरशाद ने गुनाह किया है तो उसे जरूर सजा मिलनी चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि इरशाद बेगुनाह है और उस पर कोई आरोप साबित नहीं होगा। वह जल्दी ही घर लौट आएगा।
शैदपुर इम्मा के दो सगे भाइयों सईद और रईस को भी एनआईए ने गिरफ्तार किया है। गांव में पहुंचते ही यहां का माहौल बदला सा नजर आता है। लोग गांव से बाहर आकर अमरोहा से धनौरा जाने वाली सड़क पर खड़े हैं जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। उनका कहना है कि गांव के लोगों को झूठे आरोप लगाकर उठा लिया गया है। दोनों भाई पेशे से वेल्डर हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने देसी रॉकेट लांचर बनाने में मुफ्ती सुहैल की मदद की है।
एनआईए के मुताबिक इनके घर से भी रॉकेट लांचर बनाने का सामान और बारूद बरामद हुआ है। इनके पड़ोसी शमशाद ने अमर उजाला को बताया कि जिसे वह रॉकेट लांचर बता रहे हैं वह ट्रॉली का जैक है। वह एक ट्रॉली को दिखाते हुए उस जैक के बारे में सबको बताते हैं। शमशाद ने बताया कि जिसे एजेंसी बारूद बता रही है वह बारूद नहीं बल्कि लोहे की टकिंग से निकला बुरादा है।
इनके घर पर सारा सामान बिखरा पड़ा है। मां कहती हैं कि दोनों भाई वेल्डिंग और रेत भराव डालने का काम करते हैं। उन्हें गलत फंसाया गया है। इनके खिलाफ घर से कोई भी सबूत नहीं मिला है।
वहीं रईस की पत्नी तहसीना कहती हैं कि पुलिस ने हमारे घर के सभी कागजात भी जला दिए हैं। वह जली हुई राख दिखाती हुई कहती हैं कि उन्होंने चारपाई पर रखकर घर के पहचान पत्र, आधारकार्ड सहित सभी कागजात जला दिए हैं। इस दौरान हमारी रजाई और चारपाई में भी आग लग गई थी। इन दोनों भाइयों के घर पर गांव वालों की भीड़ लगी है।