विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों से आह्वान किया है कि वह कोरोनाकाल से पहले की नियमित टीकाकरण दरों को पुनर्जीवित करने के लिए और अधिक प्रयास करें। संगठन ने जोर दिया कि इन देशों द्वारा ठोस प्रयासों के बावजूद चुनौतियां बनी रहती हैं।
डब्ल्यूएचओ ने इस क्षेत्र की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब टीके की पहले खुराक दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में प्रसारित की गई तो इसने 2021 से अबतक 3 बिलियन टीकों की खुराक दी है।
डब्ल्यूएचओ दक्षिण की क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, "जैसा कि हम पूर्वी एशिया में कोविड-19 टीकाकरण कवरेज को और बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, हमें यह सुनिश्चित करने के लिए भी हर संभव प्रयास करने चाहिए कि कोई भी बच्चा नियमित टीकाकरण सेवाओं के तहत दिए जाने वाले जीवन रक्षक टीके से वंचित न रहे।"
DTP3 के लिए इन देशों ने बढ़ाया नियमित टीकाकरण कवरेज
बयान में कहा गया है कि कई देशों ने यह दिखाया है कि कोविड-19 टीकाकरण के साथ-साथ नियमित टीकाकरण को बनाए रखा जा सकता है या बढ़ाया जा सकता है। बांग्लादेश, मालदीव, श्रीलंका और थाईलैंड ने पूरे कोविड-19 महामारी के दौरान 95 प्रतिशत DTP3 कवरेज से अधिक टीकाकरण दर बनाए रखी।
2020 में भूटान में मामूली गिरावट देखी गई लेकिन वह 2021 में 98 प्रतिशत DTP3 कवरेज को रिकॉर्ड करने के लिए 97 प्रतिशत के अपने पूर्व-महामारी कवरेज को पार कर गया।
इसमें कहा गया है कि विश्व स्तर पर एक वर्ष के बच्चों में DTP3 प्रतिरक्षण कवरेज के लिए एक प्रॉक्सी इंडिकेटर है। डब्ल्यूएचओ ने अपने बयान में कहा कि नेपाल ने 2020 में DTP3 के लिए नियमित टीकाकरण कवरेज को 84 प्रतिशत से बढ़ाकर 2021 में 91 प्रतिशत कर दिया। इन छह देशों ने उच्च कोविड-19 टीकाकरण कवरेज भी हासिल की है।
2020 की तुलना में भारत ने 2021 में पांच गुना अधिक टीके लगाए
बयान में कहा गया है कि भारत और तिमोर-लेस्ते में 2020 में नियमित टीकाकरण कवरेज में गिरावट देखी गई। ऐसा लगता है कि 2021 में कार्यक्रम स्थिर हो गया है जो रिकवरी को भी दर्शाता है। 2021 में भारत ने कोविड-19 की लगभग 2 बिलियन खुराक और अन्य बचपन के टीकों को एक साथ प्रदान किया। भारत ने 2020 की तुलना में वर्ष 2021 के दौरान पांच गुना अधिक टीके लगाए गए।
टीकाकरण कवरेज को बढ़ाने के लिए किए ठोस प्रयास
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के सभी देशों ने महामारी के दौरान आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए नियमित टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित किया और 'छूटे बच्चों' की पहचान और टीकाकरण पर ध्यान देने के साथ टीकाकरण कवरेज को बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास किए।
महामारी के दौरान जारी रहे खसरा और रूबेला के उन्मूलन के प्रयास
इस क्षेत्र में खसरा और रूबेला उन्मूलन के प्रयास महामारी के दौरान भी जारी रहे। बयान में कहा गया है कि नेपाल ने खसरा और रूबेला टीके की दूसरी खुराक के लिए 2019 में 76 प्रतिशत से 2021 में 87 प्रतिशत तक की वृद्धि की। बांग्लादेश, भूटान, मालदीव और श्रीलंका ने महामारी के दौरान अपनी-अपनी कवरेज दरों को बनाए रखा।