फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दादा रहे केंद्रीय मंत्री, पोती बनीं विदेश में सांसद: महाराष्ट्र की नीला पहुंची स्वीडिश संसद, जानें कौन हैं?

Sat, 19 Sep 2026 08:13 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के विखे परिवार से ताल्लुक रखने वाली नीला विखे पाटील स्वीडन की संसद के लिए निर्वाचित हुई हैं। 41 वर्षीय नीला स्टॉकहोम सिटी से सांसद बनी हैं। वह पहले स्वीडिश प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम कर चुकी हैं और ग्रीन पार्टी से लंबे समय से जुड़ी रही हैं।
विज्ञापन
नीला विखे पाटिल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र के जाने-माने शिक्षाविद् अशोक विखे पाटील की बेटी नीला विखे पाटील स्वीडन की संसद पहुंच गई हैं। शनिवार को उनके निर्वाचित होने की घोषणा की गई। 41 वर्षीय नीला ने स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से सांसद का चुनाव जीता है। स्वीडन में 13 सितंबर को मतदान हुआ था। अपनी जीत के बाद नीला ने पीटीआई से कहा, '349 सदस्यों वाली संसद का हिस्सा बनकर अच्छा लग रहा है। मैं शहर और देश के लिए योगदान देने को लेकर उत्साहित हूं।' उन्होंने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जो मतदान नहीं कर सकते। बच्चों का कल्याण और पर्यावरण उनके प्रमुख रुचि के क्षेत्र होंगे।

विज्ञापन


विखे परिवार की तीसरी पीढ़ी से जुड़ा रिश्ता
नीला एशिया की पहली सहकारी चीनी फैक्ट्री के संस्थापक विठ्ठलराव की परपोती और दिवंगत केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटील की पोती हैं। उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करती हूं कि मेरे दादा को मुझ पर गर्व होगा। जब मैं 15 साल की थी, तब उन्होंने मुझे राज्य का बजट पढ़ने के लिए कहा था।” नीला महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील की भतीजी भी हैं। उनके पिता अशोक विखे पाटील महाराष्ट्र में कई शैक्षणिक संस्थान चलाने वाली विखे पाटील फाउंडेशन के चेयरमैन हैं। उन्होंने अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताया है। नीला ने कहा, “मैं भारत से बहुत प्यार करती हूं और खुद को भारत से बहुत जुड़ा हुआ महसूस करती हूं। मेरे कई करीबी भारतीय दोस्त हैं। मुझे अपने दादा की बहुत याद आती है। उनके जीवन के आखिरी वर्षों में वह लगभग हर सप्ताह मुझे फोन करते थे।”

प्रधानमंत्री कार्यालय में भी कर चुकी हैं काम
नीला इससे पहले स्वीडन के प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार के तौर पर काम कर चुकी हैं। स्टीफन लोफवेन के कार्यकाल के दौरान उन्होंने वित्त, टैक्स और आवास से जुड़े मामलों पर काम किया था। वह स्टॉकहोम म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की सिटी काउंसिल के लिए भी चुनी जा चुकी हैं। राजनीति में वह ग्रीन पार्टी से सक्रिय रूप से जुड़ी रही हैं और स्टॉकहोम ग्रीन पार्टी की चुनाव समिति की सदस्य भी हैं। नीला का जन्म स्वीडन में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने शुरुआती साल महाराष्ट्र के अहमदनगर में बिताए।
विज्ञापन


ग्रीन पार्टी से लंबे समय से जुड़ाव
नीला ने गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई के साथ स्नातक डिग्री और एमबीए किया है। उन्होंने मैड्रिड की यूनिवर्सिटी ऑफ कॉम्प्लूटेंस में भी एमबीए की पढ़ाई की। वह ग्रीन पार्टी, स्वीडिश यंग ग्रीन्स, ग्रीन पार्टी गोथेनबर्ग और ग्रीन स्टूडेंट्स ऑफ स्वीडन के बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं। इसके अलावा वह ग्रीन पार्टी स्टॉकहोम की कार्यकारी समिति में भी शामिल रही हैं। उनके पिता अशोक विखे पाटील ने पीटीआई को बताया कि नीला लंबे समय से पार्टी और उससे जुड़े विभिन्न संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।

ये भी पढ़ें: फ्लाई एंड वोट अभियान: विदेश से वोट डालने लौट रहे हजारों इस्राइली, नेतन्याहू की पार्टी ने अभियान रोकने की मांग की
विज्ञापन


स्वीडन की संसद में 349 सदस्य, ग्रीन पार्टी पर्यावरण पर केंद्रित
स्वीडन के राष्ट्रीय चुनाव में वामपंथी झुकाव वाले विपक्ष ने मामूली अंतर से बहुमत हासिल किया। पूरी मतगणना के बाद स्वीडिश चुनाव प्राधिकरण ने बताया कि चार विपक्षी दलों को मिलाकर 349 सदस्यीय रिक्सडाग यानी स्वीडिश संसद में 176 सीटें मिलीं, जबकि सत्तारूढ़ रूढ़िवादी नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा रहे या उसका समर्थन करने वाले चार दल 173 सीटों पर रहे। ग्रीन पार्टी विपक्ष का एक प्रमुख दल है, जिसका मुख्य जोर पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और हरित राजनीति पर है। महाराष्ट्र से जुड़ी नीला विखे पाटील का स्वीडिश संसद तक पहुंचना उनके परिवार के लिए भी गर्व का विषय है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें