पुणे के लोहागढ़ किले से गिरकर हुई 26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। वडगांव मावल अदालत में दाखिल 5,053 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि केतन की मौत कोई हादसा नहीं थी, बल्कि उसकी हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी शामिल थे। दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और पूछताछ के दौरान अपराध कबूल करने की बात सामने आई है।
18 जून को लोहागढ़ किले में क्या हुआ था?
18 जून को केतन अपनी मंगेतर सिया और दो दोस्तों के साथ लोहागढ़ किले की सैर करने गया था। इसी दौरान करीब 400 फीट गहरी खाई में गिरने से उसकी मौत हो गई। शुरुआत में इसे हादसा माना गया था। बताया गया था कि चट्टान के पास फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया। लेकिन पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो किले के टिकट काउंटर के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में एक हुडी पहने संदिग्ध व्यक्ति नजर आया, जो केतन और सिया का पीछा कर रहा था। जांच में उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई, जो सिया का प्रेमी बताया गया है।
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चेतन ने पुलिस से बचने के लिए क्या चाल चली थी?
पुलिस की जांच में चेतन की ओर से कथित तौर पर अपनी लोकेशन छिपाने की कोशिश का भी पता चला। पुलिस के मुताबिक उसने अपना मोबाइल फोन जानबूझकर अपने दफ्तर में छोड़ दिया था। इसके अलावा सुबह करीब सात बजे से शाम 5:40 बजे तक इंटरनेट बंद रखा था। माना गया कि ऐसा करके वह अपनी मोबाइल लोकेशन को वारदात वाली जगह से जोड़ने से बचना चाहता था। हालांकि, पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड और दूसरे तकनीकी सबूतों की जांच की तो सिया और चेतन के बीच हुई हजारों कॉल्स और लंबी बातचीत सामने आई। इन डिजिटल सबूतों ने पुलिस की जांच में अहम भूमिका निभाई।
सिया ने सोनम रघुवंशी हत्याकांड को क्यों सर्च किया था?
चार्जशीट में सिया की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री को भी अहम सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। पुलिस के मुताबिक सिया इंटरनेट पर अपराध और हादसों से जुड़ी जानकारियां तलाश रही थी। उसने लोहागढ़ में साल 2025 में हुई एक घटना के बारे में भी सर्च किया था, जिसमें एक महिला की पहाड़ी से गिरकर मौत हुई थी। इसके अलावा उसने सोनम रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी जानकारियां भी ऑनलाइन खंगाली थीं। पुलिस ने इन सर्च को मामले की जांच में महत्वपूर्ण डिजिटल सुराग माना है और इन्हें कथित साजिश की जांच से जोड़ा है।
क्या 18 जून से पहले भी केतन को मारने की कोशिश हुई थी?
पुलिस जांच में एक और गंभीर बात सामने आने का दावा किया गया है। चार्जशीट के अनुसार, 18 जून से पहले 14 जून को भी सिया केतन को लोहागढ़ किले लेकर गई थी। पुलिस के मुताबिक उस दौरान केतन को चट्टान से नीचे धक्का दिया गया था। हालांकि, केतन का हाथ एक झाड़ी पर टिक गया और वह नीचे गिरने से बच गया। इसके बाद 18 जून को दोबारा उसे लोहागढ़ ले जाया गया और इस बार उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक यह घटनाक्रम मामले में पहले से हत्या की कोशिश किए जाने के आरोप को महत्वपूर्ण बनाता है।
चार्जशीट में कितने गवाह और कौन-कौन से सबूत हैं?
5,053 पन्नों की चार्जशीट में करीब 80 से 85 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इनमें तीन ऐसे अहम चश्मदीद गवाह भी बताए गए हैं, जिन्होंने वारदात के दौरान सिया और चेतन को एक साथ देखा था। इसके अलावा पुलिस ने व्हाट्सएप चैट, तस्वीरें, मोबाइल फोन का डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर और तकनीकी विश्लेषण से जुड़े प्रमाणपत्रों को भी सबूत के तौर पर अदालत में पेश किया है। पुलिस का दावा है कि इन डिजिटल और प्रत्यक्ष सबूतों से मामले की घटनाओं की कड़ी जोड़ने में मदद मिली है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत में इन सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की आगे सुनवाई होगी।